Cyclone Arnab: Arnab’s dance in Andhra! Sea water entered the houses
Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर तेज हो गया है। काकीनाडा में समुद्र का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है, जबकि मछलीपट्टनम में तेज हवाओं से पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं। मौसम विभाग ने सात जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में कहर बरपा रहा है। पुडुचेरी के यानम के पास तूफान की लैंडफॉल प्रक्रिया जारी है। कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। काकीनाडा में समुद्र का पानी घरों में घुसने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वहीं मछलीपट्टनम में पेड़ उखड़ने से सड़कें बाधित हो गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, हवा के तेज झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठ रही हैं और निचले क्षेत्रों में समुद्र का पानी घुसने का खतरा बना हुआ है।
आंध्र प्रदेश के 7 जिलों में रेड अलर्ट
चक्रवात के खतरे को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश के सात जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और एलुरु शामिल हैं। इन जिलों में बेहद भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा राज्य के 15 जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को तूफान का असर कम होने तक घरों के अंदर रहने और जरूरी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
काकीनाडा में घरों में घुसा समुद्र का पानी
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर तटीय इलाकों में दिखाई दे रहा है। काकीनाडा में समुद्र का पानी रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया है, जिससे कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली की लाइनें टूट गई हैं। सड़कों पर जलभराव होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
मछलीपट्टनम और कोनसीमा में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। कई पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गई हैं। वहीं, विशाखापत्तनम के आरके बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। प्रशासन तटीय इलाकों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यानम में मकान पर गिरा बरगद का पेड़
पुडुचेरी के यानम में चक्रवात के प्रभाव से एक विशाल बरगद का पेड़ मकान पर गिर गया। इस घटना से चार घर प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के कमांडर ईश्वर राव गाडे के मुताबिक, मलबा हटाने के लिए 30 जवानों की टीम तैनात की गई है।
तेज हवाओं के कारण इलाके में कई पेड़ उखड़ गए हैं। हालांकि, समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिए जाने के कारण इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ओडिशा में 313 रेस्क्यू टीमें तैनात
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में 313 बचाव दल तैनात किए गए हैं। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRF) की 60, NDRF की 9 और दमकल एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल हैं।
इसके अलावा प्रभावित होने की आशंका वाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 2,037 राहत शिविर तैयार किए गए हैं। जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने संभावित भूस्खलन को देखते हुए कुछ सड़कों पर आवाजाही भी रोक दी है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कई उड़ानें रद्द
चक्रवात का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इंडिगो ने विशाखापत्तनम में उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया है। वहीं, एयर इंडिया ने छह और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 उड़ानें रद्द की हैं। अकासा एयर ने भी दिल्ली-भोगापुरम रूट की उड़ान रद्द की है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों और एयरलाइंस को समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जांचने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ घंटे अहम
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान की लैंडफॉल प्रक्रिया अगले कुछ घंटों तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, समुद्र तटों से दूर रहने और बिना जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

