RAHUL GANDHI PROPERTY CASE: CJI SURYAKANT REPRIMANDED, ASKED- PETITION FILED FOR MEDIA ATTENTION?
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला आज मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की बेंच के सामने पहुंचा। लेकिन इस मामले में सीजेआइ ने वकील को फटकार लगाई है। CJI सूर्यकांत ने साफ तौर पर कहा, ‘इस मुद्दे को उठाने के पीछे न तो कोई स्पष्ट आधार है और न ही इसमें कोई दम है।’
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक पुराने आदेश पर पहले ही रोक (स्टे) लगा दी है। साथ ही, ED और CBI को भी हाई कोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट दाखिल करने से मना कर दिया है।
मीडिया अटेंशन पाने के लिए याचिका दायर?
वकील ने दावा किया कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि वे ED और CBI के 200 अधिकारियों के संपर्क में हैं। इसी आधार पर वकील ने इस मामले को सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से सूचीबद्ध (लिस्ट) करने की मांग की।
मुख्य न्यायाधीश ने वकील की इस दलील पर पूछा, ‘क्या आपने इसके बारे में किसी न्यूज चैनल से सलाह ली है? आप बस मीडिया का ध्यान खींचने के लिए यह मुद्दा उठाना चाहते हैं।’
गौरतलब है कि इस मामले में मई महीने में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने CBI और ED को राहुल गांधी की संपत्ति की जांच करने का आदेश दिया था। लेकिन अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने इस मामले में शिकायतकर्ता, CBI और ED से जवाब मांगा था।
राहुल गांधी की संपत्ति को लेकर यह पूरा मामला कर्नाटक के BJP कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की एक शिकायत से शुरू हुआ था। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संपत्ति को लेकर कई आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी और इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की।

