Uproar over SIR! Rahul-Priyanka on dharna, Akhilesh-Abhishek detained
नई दिल्ली। वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के नेता चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे। वह चुनाव आयोग के कार्यालय जाने पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस के दोनों सांसद डेढ़ घंटे से आकाशवाणी परिसर में बैठे हुए हैं। इससे पहले राहुल गांधी को हाथों में तिरंगा लिए हुए बैरिकेड पर चढ़े हुए देखा गया। वहीं पुलिस ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को हिरासत में लिया।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी
विपक्षी दलों के नेता वोटर लिस्ट में किए गए विवादित बदलावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। नीति आयोग के दफ्तर के सामने सुरक्षाकर्मियों ने चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे इंडी गठबंधन के मार्च को रोक दिया। इस दौरान सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
बैरिकेड्स लगाकर रोका गया मार्च
चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर विपक्ष के मार्च को पुलिस बैरिकेड्स से रोक दिया गया। इसी जगह पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गए। बाद में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी उस जगह पहुंचे। सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें वोट चोर जैसे नारे भी शामिल थे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी परिसर में पेड़ के नीचे बैठ गए हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है।
किसने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, ”हमने ज्ञानेश कुमार पर कभी भरोसा नहीं किया, लेकिन अब हमें यकीन हो गया है कि वह भरोसेमंद व्यक्ति नहीं हैं।”
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “इससे ज्दाया महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। अगर लोगों के वोट मिटा दिए जाएं। अगर बड़े पैमाने पर वोट मिटाकर सत्ता हथिया ली जाए, जैसा कि बंगाल में हुआ तो लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाता है? अगर इसके खिलाफ कोई विरोध नहीं है तो बाकी सभी विरोध निरर्थक हो जाते हैं।”
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा, “यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। पूरा देश सड़कों पर है क्योंकि जिस तरह से चुनाव आयोग सरकार की कठपुतली बनकर काम कर रहा है वह स्वीकार्य नहीं है।”
एसपी सांसद इकरा हसन का कहना है, “एक रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि 14 मौकों पर कोई भी फैसला आम सहमति से नहीं हो सका। विपक्ष पहले दिन से कह रहा है कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।”

भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात
इंडी गठबंधन के मार्च में विपक्षी सांसदों ने आरएसएस की यूनिफॉर्म पहने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कटआउट लिए हुए थे। जंतर-मंतर और उसके आस-पास दिल्ली पुलिस के बड़ी संख्या में जवान तैनात किए गए हैं।
चुनाव आयोग के ऑफिस के बाहर और आस-पास की कई जगहों पर बैरिकेड भी लगाए गए हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए पुलिस आने-जाने वाले लोगों और गाड़ियों पर भी नजर रख रही है। पुलिस ने सुरक्षा बलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।

