CG Fire News: Fire breaks out at Physics Wallah Coaching Center, among children studying in class.
CG FIRE NEWS: . दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में स्थित फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर में आग लगने से कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। घटना स्मृति नगर थाना क्षेत्र के नेहरू नगर स्थित कोचिंग सेंटर में हुई। आग लगने के समय सेंटर में बच्चे अपनी कक्षाओं में मौजूद थे। हालांकि सेंटर प्रबंधन की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, कोचिंग सेंटर में आग वाटर कूलर में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। अचानक आग लगने के बाद सेंटर में मौजूद कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए सेंटर प्रबंधन ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया और आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया।
सेंटर हेड तापस चौधरी के मुताबिक, वाटर कूलर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी थी। घटना का समय रहते पता चल गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझा दी। इससे आग को दूसरे हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान कोचिंग सेंटर में बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। आग पर तत्काल काबू पा लिए जाने के कारण स्थिति गंभीर नहीं हुई। घटना के बाद सेंटर में मौजूद विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। सेंटर प्रबंधन के अनुसार, कोचिंग संस्थान में फायर सेफ्टी को लेकर नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है। सेंटर हेड ने बताया कि कर्मचारियों को हर महीने फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाती है।
आग लगने की स्थिति में कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया और आग पर नियंत्रण पा लिया। इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में आग से सुरक्षा के इंतजामों की अहमियत को सामने ला दिया है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां एक समय में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहते हैं, वहां आग से बचाव के उपकरण और कर्मचारियों की ट्रेनिंग बेहद महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना में किसी विद्यार्थी या कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह वाटर कूलर में हुआ शॉर्ट सर्किट बताई गई है। सेंटर प्रबंधन की तत्परता से घटना बड़ा रूप लेने से पहले ही नियंत्रित हो गई।

