Review of Seva Sankalp and Public Awareness Activities at Nyayadhani Bilaspur
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की जिला शाखा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के चेयरमैन श्री तोमन साहू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला शाखा की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना एवं सेवा संकल्प कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि रेडक्रॉस की मानवीय सेवा गतिविधियों के साथ सेवा संकल्प महाअभियान को प्रशासन, स्वास्थ्य संस्थानों, पुलिस, नगर निकाय, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों के सहयोग और समन्वय से अधिक प्रभावी बनाया जाए। रक्तदान, नेत्रदान एवं अंगदान, स्वास्थ्य जागरूकता, सड़क सुरक्षा तथा जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुंचाने वाले कार्यों को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।
परियोजना आरुग – बिलासपुर पर विशेष फोकस
बैठक में बिलासपुर जिले में संचालित ‘परियोजना आरुग’ को विशेष रूप से चर्चा में लिया गया। विनिता पटेल द्वारा प्रारंभ की गई यह पहल पिछले छह वर्षों से किशोरियों, महिलाओं तथा किशोरों के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। अब तक विभिन्न विद्यालयों, ग्रामीण एवं सामुदायिक क्षेत्रों में 15,000 से अधिक किशोरियों एवं महिलाओं तथा 5,000 से अधिक किशोरों एवं पुरुषों तक इस पहल के माध्यम से जागरूकता पहुंचाई जा चुकी है।
बिलासपुर में कलेक्टर एवं अध्यक्ष, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर, श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से परियोजना आरुग को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में यह पहल 114 विद्यालयों के 41,483 विद्यार्थियों तक पहुंच रही है। परियोजना को SECL, बिलासपुर द्वारा CSR के माध्यम से वित्तपोषित किया जा रहा है तथा इसका क्रियान्वयन इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर द्वारा बस्ता एजुकेशन एंड हेल्प फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है।
परियोजना आरुग की विशेषता यह है कि इसमें बालिकाओं के साथ-साथ बालकों को भी मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, संकोच एवं सामाजिक झिझक को कम करते हुए परिवार एवं समाज में समझ, सम्मान और सहयोग का वातावरण विकसित करना है।
परियोजना का संदेश “हर घर में एक Padman” है। इसके माध्यम से ऐसी संवेदनशील पीढ़ी तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जो मासिक धर्म को स्वास्थ्य एवं गरिमा से जुड़े विषय के रूप में समझे तथा आवश्यकता के समय अपनी माँ, बहन, पत्नी, बेटी या मित्र के प्रति सहयोगी भूमिका निभाए।
राज्य चेयरमैन श्री तोमन साहू ने परियोजना आरुग की पहल को जनस्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि “मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल बालिकाओं एवं महिलाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, गरिमा, शिक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है।” उन्होंने कहा कि बिलासपुर में जिला प्रशासन, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, CSR सहयोग एवं सामाजिक संस्था के समन्वय से संचालित यह पहल जनजागरूकता के लिए उपयोगी अनुभव प्रस्तुत करती है।
उन्होंने कहा कि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा परियोजना आरुग के अनुभव एवं कार्यप्रणाली का अध्ययन कर, आवश्यकता एवं उपयुक्तता के आधार पर इसे प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी मासिक धर्म स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों से लाभान्वित हो सकें।
रक्तदान एवं अंगदान के प्रति जनजागरूकता पर जोर
बैठक में रक्तदान को नियमित जनसेवा गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने, अधिक से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं को जोड़ने तथा रक्तदान शिविरों के आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने पर चर्चा हुई। साथ ही नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जनजागरूकता, अंगदान प्रतिज्ञा तथा जिला स्तर पर संबंधित गतिविधियों के समन्वय के लिए जिला अंगदान समिति की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।
युवा वर्ग को मानवीय सेवा से जोड़ने के उद्देश्य से Junior Red Cross (JRC) एवं Youth Red Cross (YRC) की गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही रेडक्रॉस सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने और अधिक से अधिक नागरिकों को संस्था की मानवीय सेवा गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक सरोकारों पर चर्चा
बैठक में टीबी एवं एड्स जागरूकता, नशामुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता तथा विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित करने पर विचार किया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियों में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने तथा संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।
सड़क सुरक्षा एवं नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर
सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए Safety Mitra जैसी पहल को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। दुर्घटना के समय पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों को Thank You Certificate एवं प्रोत्साहन प्रदान करने की व्यवस्था को भी जनसहभागिता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी माना गया।
जिला शाखा की संस्थागत व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में जिला रेडक्रॉस कार्यालय एवं स्टाफ की व्यवस्था, जिला शाखा के नियमित संचालन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा संस्था के लिए उपयुक्त शासकीय भूमि आवंटन सहित विभिन्न संस्थागत विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला स्तर पर रेडक्रॉस की गतिविधियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक समन्वय पर विचार किया गया।
मानवीय सेवा में संस्थागत सहयोग को महत्वपूर्ण बताया
राज्य चेयरमैन श्री तोमन साहू ने कहा कि “इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी का मूल आधार मानवीय सेवा, सहयोग एवं संवेदना है।” उन्होंने कहा कि बिलासपुर की विशिष्ट न्यायिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक पहचान को देखते हुए यहां से रक्तदान, नेत्रदान एवं अंगदान, स्वास्थ्य जागरूकता तथा सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़े विषयों पर सकारात्मक जनसंदेश को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिला शाखा द्वारा संबंधित संस्थाओं एवं नागरिकों के साथ निरंतर समन्वय रखते हुए सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानवीय सेवा किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक संवेदना और सहभागिता का विषय है। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी ऐसे सभी संस्थानों, संगठनों एवं नागरिकों के सहयोग का स्वागत करती है, जो बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की सहायता एवं जनसेवा के कार्यों में सहभागी बनना चाहते हैं।
बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी एवं पदाधिकारी
बैठक में श्री संजय अग्रवाल, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर; श्री रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर; श्री संदीप अग्रवाल, सीईओ, बिलासपुर; श्री प्रकाश सुर्वे, आयुक्त, नगर निगम बिलासपुर; डॉ. बी.एल. गोयल, चेयरमैन, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर; श्री बालाराम साहू, वाइस चेयरमैन, रक्तदान उपसमिति; श्री प्रमोद शुक्ला, वाइस चेयरमैन, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर; डॉ. शुभा गरेवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह सचिव, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर; श्री सुरेंद्र गंभीर, प्रबंध समिति सदस्य; डॉ. गिरीश कुर्रे, राज्य प्रबंध समिति सदस्य एवं DPM; डॉ. एम.ए. जीवानी, प्रबंध समिति सदस्य तथा श्री सौरभ सक्सेना, जिला समन्वयक, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर सहित जिला शाखा के अन्य पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा जिला शाखाओं की समीक्षा का उद्देश्य सेवा गतिविधियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी बनाना, संस्थागत समन्वय को बढ़ावा देना तथा अधिक से अधिक नागरिकों को मानवीय सेवा से जोड़ना है।
न्यायधानी बिलासपुर से सेवा, सहयोग, संवेदना और सामाजिक जागरूकता का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे तथा रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान, स्वास्थ्य जागरूकता एवं जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों में जनभागीदारी निरंतर बढ़े—इसी भावना के साथ इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की जिला शाखा द्वारा आगामी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

