Even after three months, the implementation of the Chief Minister’s announcement is pending, NHM employees raise questions.
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 13 जून 2026 को रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेशभर के NHM कर्मचारियों में लंबे समय से लंबित हड़ताल अवधि के वेतन के भुगतान को लेकर उम्मीद जगी थी।
घोषणा के लगभग तीन माह बाद भी कर्मचारियों को उक्त अवधि का वेतन प्राप्त नहीं होने से कर्मचारियों में चिंता और निराशा की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री स्तर से घोषणा होने के बाद भी उसके क्रियान्वयन में हो रही देरी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
आदेश और भुगतान की प्रक्रिया में देरी पर सवाल
NHM कर्मचारी संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से घोषणा किए जाने के बाद कर्मचारियों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि फाइल वर्तमान में किस स्तर पर लंबित है, आदेश जारी करने में क्या प्रक्रिया शेष है और भुगतान कब तक किया जाएगा।
कर्मचारियों का कहना है कि वे प्रदेश के ग्रामीण, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में घोषित हड़ताल अवधि के वेतन के भुगतान में लगातार हो रही देरी कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं मिडिया प्रभारी पुरन दास ने कहा कि कर्मचारियों के महासम्मेलन में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप 33 दिनों की हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करते हुए शीघ्र आदेश जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित है, तो उसकी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए तथा कर्मचारियों को भुगतान की संभावित समय-सीमा की आधिकारिक जानकारी दी जानी चाहिए।
अन्य लंबित मांगों पर भी कार्रवाई की अपेक्षा
संघ ने 33 दिनों की हड़ताल अवधि के वेतन के साथ-साथ NHM कर्मचारियों से संबंधित अन्य लंबित मांगों एवं पूर्व में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की दिशा में भी शीघ्र सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई है।
संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा का शीघ्र क्रियान्वयन होने से कर्मचारियों में शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा। कर्मचारियों को अब घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन एवं लंबित भुगतान का इंतजार है।

