Chai Pe Charcha: Four notices from the RTO office stir things up!
कबीरधाम: कबीरधाम जिले के परिवहन कार्यालय से जारी चार अलग-अलग सार्वजनिक सूचनाओं ने वाहन स्वामित्व और पंजीयन प्रक्रिया को लेकर चर्चा गर्म कर दी है। दस्तावेजों में सामने आया है कि कुछ वाहनों को श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस लिमिटेड, कवर्धा द्वारा अपने कब्जे में लेने के बाद मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 51 के तहत नवीन पंजीयन प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
मामला यहीं दिलचस्प हो जाता है। परिवहन कार्यालय ने संबंधित पुराने वाहन स्वामियों को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना अभिमत देने के लिए पत्र भेजे, लेकिन नोटिसों में दर्ज जानकारी के अनुसार वाहन स्वामी उपस्थित नहीं हुए अथवा भेजे गए पत्र डाक से तामील नहीं हो सके। इसके बाद अब अंतिम अवसर के रूप में सूचना के प्रकाशन के 7 दिनों के भीतर जिला परिवहन अधिकारी, कबीरधाम के समक्ष उपस्थित होने का मौका दिया गया है।
चार वाहन, चार कहानी और एक बड़ा सवाल!
दस्तावेजों में CG09JR9983, CG09JR9131, CG09JM7451 और CG09JN1835 नंबर के वाहनों से संबंधित सूचनाएं दिखाई देती हैं। इनमें अलग-अलग पुराने वाहन मालिकों तथा नए आवेदकों का उल्लेख है और सभी मामलों में संबंधित वाहन मालिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
अब चाय की चुस्की पर सबसे बड़ा सवाल यही—
क्या सात दिन के इस अंतिम अवसर के बाद पुराने वाहन मालिकों की अनुपस्थिति में पंजीयन प्राधिकारी अपना निर्णय पारित कर देंगे
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि मामला केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन के कब्जे, स्वामित्व/पंजीयन परिवर्तन और संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देने की प्रक्रिया तक पहुंच चुका है।
☕ चाय पर चर्चा का सवाल
अगर नोटिस में दिए गए अंतिम अवसर के बाद भी संबंधित वाहन मालिक सामने नहीं आते हैं, तो पंजीयन प्राधिकारी क्या निर्णय लेता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल विभाग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है—7 दिन का अंतिम मौका, फिर निर्णय!
नोट: यह चर्चा उपलब्ध सरकारी सूचनाओं में दर्ज तथ्यों पर आधारित है। दस्तावेजों में किसी पक्ष पर अपराध या धोखाधड़ी का निष्कर्ष नहीं दिया गया है; अंतिम निर्णय संबंधित पंजीयन प्राधिकारी की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
पत्रकार दीपक तिवारी

