Employees and pensioners up in arms against the government! To stage a protest over five demands.
रायपुर । ( गोपाल प्रसाद साहू) कर्मचारियों -अनियमित कर्मचारियों और पेंशनरों के द्वारा 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 11 सितंबर को नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के गेट नंबर 3 के सामने 1 बजे संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर तैयारी कर रहे छग प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह अटेरिया ने बताया कि प्रदर्शन में नियमित-अनियमित और पेंशनर संघों के 55 से अधिक संघों के वर्तमान व पूर्व प्रांताध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।
श्री अटेरिया ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व प्रारंभ किए गए एक मांग एक मंच अभियान को अब कर्मचारी संघों का व्यापक समर्थन मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों पर लगातार आर्थिक रूप से दमन करते आ रही है। नियत समय पर महंगाई भत्ता नहीं देना और प्रति वर्ष 8 से 9 महीने के महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान नहीं करना वित्त विभाग की अघोषित नीतियों में शामिल हो गया है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक एवं इप्सेफ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बताया कि मोदी की गारंटी के तहत पांच सूत्रीय मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शासन का ध्यानाकर्षण करने हेतु एक मांग एक मंच अभियान के बैनर तले कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के घटक संगठन, अनियमित प्रगतिशील कर्मचारी फेडरेशन, प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस, छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन, नगरीय निकाय कर्मचारी संगठन,पेंशनर फोरम छत्तीसगढ़ सहित कई संगठन के पदाधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि प्रदर्शन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला, ओ. पी. शर्मा, श्री जय नारायण श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, आर के थवाईत, अनिल पाण्डेय, सुनील यादव, रमाकांत झा ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने जा रहा है कि किंतु कर्मचारियों से किए गए वादा को पूरा नहीं करने के कारण अब सरकार के प्रति कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, अतः समस्त कर्मचारी संगठन प्रदर्शन में सम्मिलित होकर कर्मचारी एकता को मजबूत करें।
चंद्रिका सिंह एवम् डॉ. डी. पी. मनहर ने कहा कि 13 सितंबर 2025 को वित्त मंत्री के द्वारा कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को 2026 से केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता दिए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है शासन की योजनाओं को मूर्त रूप देने वाले कर्मचारियों और फैमली पेंशनरों के पेंशन तक को देय तिथि से सरकार नहीं दे रही है।
गोपाल प्रसाद साहू ने अनियमित कर्मचारियों की पीड़ा बयान करते हुए कहा कि छग सरकार मोदी की गारंटी के नाम पर कर्मचारियों से पिछले ढाई वर्षो से झूठ बोल रही है। अनियमित कर्मचारी के साथ छल किया जा रहा है। “छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023”- वचनबद्ध सुशासन अंतर्गत पृष्ट 26 से 30 में बिन्दुवार समस्त वर्ग के कर्मचारी/अधिकारियों एवं पेंशनरों के सम्बन्ध में स्पष्ट वादा किया गया है परन्तु सरकार इस वादा की अनदेखी कर आर्थिक शोषण कर रही है, इस्से समस्त वर्ग के कर्मचारी/अधिकारी आक्रोशित है ।
जितेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि नियमित कर्मचारियों की पदोन्नति और बेरोजगार युवाओं के हितों में कुठाराघात करते हुए स्वास्थ्य विभाग में गुपचुप तरीके से ठेका पद्धति लागू कर दिया गया है। नगरीय निकाय में पुरानी पेंशन लागु नहीं की जा रही है|
विद्याभूषण दुबे ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिए 11 सितंबर को भोजनावकाश के समय 1.00 बजे इन्द्रावती भवन के गेट न.-3 के सामने 5 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, वित्त सचिव से भेंट व चर्चा में कोई समाधान नहीं निकला जिसके कारण प्रदर्शन का निर्णय लिया गया।
प्रमुख मांगः
01. जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों के एरियर्स दिया जावे,
02. अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन, आउट सोर्सिंग/ठेका के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद किया जावे,
03. नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू किया जावे
04. स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति (लैब एवं फार्मेसी) की प्रथा समाप्त किया जावे,
05. नियमित, अनियमित कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा लागू किया जावे।

