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चाय पर चर्चा: थाने में FIR फिर भी कार्रवाई ठंडी? फरियादी ने SP के दरबार में लगाई गुहार!

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कबीरधाम/पंडरिया। पंडरिया क्षेत्र से सामने आया एक शिकायत आवेदन इन दिनों पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस अधीक्षक कबीरधाम को दिए आवेदन में रोहित कुमार कुर्रे ने अपनी पत्नी ललिता बंजारे और सुखचैन बंजारे के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की कोशिश के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार 25 जुलाई 2026 की रात करीब 8 बजे घर में खाना खाने के दौरान विवाद हुआ। आवेदक का आरोप है कि दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और लाठी से हमला किया, जिससे सिर और कान में चोट लगी तथा खून निकलने की बात आवेदन में कही गई है।

112 पहुंची, अस्पताल पहुंचा मामला… फिर कार्रवाई की रफ्तार क्यों थमी

शिकायतकर्ता के मुताबिक घटना के बाद डायल 112 को सूचना दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद अस्पताल में उपचार तथा सीटी स्कैन कराया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि जिला चिकित्सालय कवर्धा से संबंधित दस्तावेज पुलिस को दिए गए।

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लेकिन यहीं से कहानी में बड़ा सवाल खड़ा होता है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंडरिया थाने में FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। आखिर मेडिकल रिपोर्ट के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए जांच कहां तक पहुंची? और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं, तो कार्रवाई की स्थिति क्या ह चाय की टपरी पर चर्चा तेजFIR के बाद भी फरियादी को SP की चौखट क्यों

आवेदन में शिकायतकर्ता ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है तथा भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक से उचित कार्रवाई की मांग की है।

अब चाय पर चर्चा यह है कि अगर मामला थाने में दर्ज हो चुका है, तो फिर फरियादी को पुलिस अधीक्षक के सामने अलग से शिकायत लेकर क्यों जाना पड़ा? क्या स्थानीय स्तर पर कार्रवाई में कोई कमी रह गई, या फिर पुलिस की जांच अपने निर्धारित तरीके से आगे बढ़ रही है?

फिलहाल यह शिकायतकर्ता के आरोप हैं, जिनकी पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों से होना बाकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और कब तक।

अब गेंद पुलिस के पाले में है

फरियादी की शिकायत, मेडिकल दस्तावेज और FIR—इन सबकी निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

— चाय पर चर्चा

रिपोर्ट: दीपक तिवारी

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