Fees for technical courses at private colleges and universities will be determined solely by the AFRC.
रायपुर, 1 सितंबर। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने सत्र 2026-27 की फार्मेसी काउंसिलिंग के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के निजी महाविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों में संचालित तकनीकी पाठ्यक्रमों की फीस का निर्धारण प्रवेश एवं शुल्क विनियामक आयोग (AFRC) के प्रावधानों के अनुरूप ही होगा। जिन संस्थानों की शुल्क निर्धारण प्रक्रिया AFRC में लंबित है अथवा अभी तक पूर्ण नहीं हुई है, उन्हें निर्धारित शर्तों एवं शपथ-पत्र के आधार पर काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा।
मंत्रालय के आदेश के अनुसार, जिन संस्थानों की फीस पूर्व में AFRC द्वारा निर्धारित की जा चुकी है, लेकिन सत्र 2026-27 के लिए शुल्क निर्धारण लंबित है, वे विद्यार्थियों से केवल पिछले वर्ष AFRC द्वारा निर्धारित शुल्क ही ले सकेंगे। वहीं जिन नए निजी महाविद्यालयों अथवा निजी विश्वविद्यालयों की फीस का निर्धारण AFRC द्वारा कभी नहीं किया गया है, वे राज्य के समान पाठ्यक्रम वाले संस्थानों के लिए AFRC द्वारा निर्धारित न्यूनतम शुल्क से अधिक फीस नहीं वसूल सकेंगे।
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आदेश के साथ जारी शपथ-पत्र प्रारूप में संस्थानों को यह घोषणा करना अनिवार्य किया गया है कि AFRC के अंतिम निर्णय तक विद्यार्थियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त अथवा मनमाना शुल्क नहीं लिया जाएगा तथा आयोग एवं शासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि मंत्रालय के इस निर्णय से तकनीकी शिक्षा में शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तथा विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही यह आदेश स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य में संचालित निजी महाविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों के तकनीकी पाठ्यक्रमों की फीस AFRC की प्रक्रिया एवं विनियमन के अधीन रहेगी…..

