कवर्धा की सियासत में इन दिनों एक सवाल चाय की हर प्याली के साथ उठ रहा है—पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी आखिर कब तक धरने पर बैठे रहेंगे और उनकी बात सुनने जिम्मेदार जनप्रतिनिधि कब सामने आएंगे
पुलिस भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से कवर्धा विधायक कार्यालय और उपमुख्यमंत्री कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे अभ्यर्थियों की मांग साफ है उन्हें उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात चाहिए और ठोस आश्वासन चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उपमुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होती और उनकी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे धरना समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं
अब चर्चा मुद्दे से ज्यादा मुलाकात की हो रही है
धरना तीन दिन से चल रहा है, लेकिन अब सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर अभ्यर्थियों और उपमुख्यमंत्री के बीच बातचीत क्यों नहीं हो पा रही है
अभ्यर्थियों के बीच चर्चा है कि पिछले तीन दिनों से उपमुख्यमंत्री के कवर्धा आने की सूचना सुबह मिलती है, फिर बाद में कार्यक्रम रद्द होने की बात सामने आती है। यदि ऐसा लगातार हो रहा है तो स्वाभाविक सवाल है आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति है जिसके कारण कवर्धा आने का कार्यक्रम बार-बार बदल रहा है
और उससे भी बड़ा सवाल जब प्रदेशभर से आए युवा तीन दिनों से कार्यालय के सामने बैठे हैं, तो क्या उनके प्रतिनिधिमंडल से कुछ मिनट की मुलाकात भी संभव नहीं है
युवाओं का सवाल, जवाब कौन देगा
यह केवल एक धरना नहीं है। यह उन युवाओं की बेचैनी है जिन्होंने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया से अपने भविष्य की उम्मीद जोड़ रखी है। उनकी मांग सही है या गलत, इसका फैसला संबंधित नियम और प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए, लेकिन उनकी बात सुनना और स्थिति स्पष्ट करना जिम्मेदार व्यवस्था की जिम्मेदारी जरूर बनती है।
चाय पर चर्चा में सवाल यह नहीं कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा
सवाल यह है कि क्या बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा
अगर अभ्यर्थी तीन दिन से बैठे हैं, तो क्या सरकार की ओर से कोई अधिकृत प्रतिनिधि उनसे बातचीत करेगा क्या उनकी मांगों पर लिखित या स्पष्ट आश्वासन दिया जाएगा और यदि मांग पूरी करना संभव नहीं है, तो उसका कारण भी खुले तौर पर बताया जाएगा
कवर्धा पूछ रहा है अब अगला कदम क्या
धरना लंबा खिंचने से मामला और गंभीर हो सकता है। इसलिए जरूरत टकराव की नहीं संवाद की है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वयं कवर्धा से जुड़े प्रमुख राजनीतिक चेहरे हैं। ऐसे में प्रदेशभर से आए पुलिस अभ्यर्थियों का उनके कार्यालय के सामने बैठना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दा है।
अब निगाह इस बात पर है कि क्या उपमुख्यमंत्री स्वयं अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी बात सुनेंगे, या फिर धरना और इंतजार दोनों आगे भी जारी रहेंगे
चाय गरम है, मुद्दा भी गरम है…
अब देखना यह है कि सरकार की तरफ से जवाब कब आता है!
पत्रकार दीपक तिवारी

