Supreme Court on Builders: CBI probe will not stop despite settlement; Supreme Court issues stern warning to builders.
Supreme Court on Builders: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उन बिल्डर्स की कोशिशों पर रोक लगा दी है जो कुछ घर खरीदारों से समझौता करके CBI जांच से बचना चाहते थे। CJI सूर्य कांत की बेंच ने साफ कहा कि जब तक आखिरी फ्लैट खरीदार को उसकी प्रॉपर्टी या रिफंड नहीं मिल जाता, तब तक घर खरीदारों से धोखाधड़ी और जमा पैसे के गलत इस्तेमाल के लिए बिल्डर्स की जांच जारी रहेगी।
बैंकों पर भी शिकंजा
यह मामला उन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है, जहां बिल्डर्स ने सबवेंशन स्कीम के तहत बैंकों से पैसा ले लिया, लेकिन फ्लैट बनाने में भारी देरी की। इसके बावजूद बैंक खरीदारों से EMI वसूल रहे थे।
CBI की तरफ से ASG ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज 50 FIR में से 18 की जांच पूरी हो चुकी है। 17 चार्जशीट और 1 क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। चार्जशीट में SBI, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, HDFC और ICICI के कई अधिकारियों के नाम हैं।
बिल्डर्स के साथ मिलीभगत का आरोप
CBI ने आरोप लगाया कि ये अधिकारी बिल्डर्स के साथ मिलीभगत में थे। एजेंसी ने इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लगाया है और मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों को 2 हफ्ते के भीतर मंजूरी देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते में मंजूरी न देने पर बैंकों को कोर्ट में स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही सीबीआई से कहा कि PMLA के तहत जांच के लिए मनी ट्रेल के दस्तावेज ED के साथ साझा करे।

