CHHATTIAGARH: शिक्षा विभाग के बहुचर्चित फर्जी मेडिकल बिल घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीपीसी और शिक्षक नेता साधेलाल पटेल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। कुछ दिन पहले सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। मामले में साधेलाल पटेल की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है।
क्या था पूरा मामला?
जांच के अनुसार, पौंसरा में पदस्थ संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल पर अपने पद का दुरुपयोग कर फर्जी मेडिकल बिलों के जरिए सरकारी राशि निकालने का आरोप है। बीईओ की जांच में सामने आया कि मृत सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार चौधरी के नाम पर 33 हजार रुपये के वास्तविक मेडिकल बिल को फर्जी तरीके से बढ़ाकर 5.33 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया। इसके अलावा खुद और अपनी पत्नी के नाम पर भी फर्जी मेडिकल बिल लगाकर करीब 30 लाख रुपये की सरकारी राशि का भुगतान कराने का आरोप है।
शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
शिकायतकर्ता सौरभ मजूमदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिले दस्तावेजों के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने साधेलाल पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस ने क्या कहा?
मिली जानकारी के मुताबिक सीएसपी बिलासपुर गगन कुमार ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से फर्जी मेडिकल बिल और दस्तावेजों के जरिए राशि निकालने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

