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डबरी का मालिक बना मनरेगा श्रमिक समयलाल, डबरी निर्माण से रबी के मौसम में भी समयलाल के खेत में पहुंचेगा पानी

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  • मनरेगा में श्रमिकों को मिल रहा है काम, बढ़ी आमदनी
  • रोजगार और भुगतान की गारंटी से मनरेगा के कार्यों में श्रमिक लें रहे हैं रूचि

आफताब आलम/ बलरामपुर : विकासखण्ड वाड्रफनगर के मदनपुर में रहने वाला समयलाल लघु सीमांत कृषक तथा मनरेगा में नियोजित मजदूर हैं जो अब डबरी का मालिक बन चुका है। समयलाल के परिवार की आजीविका कृषि के साथ-साथ मनरेगा से प्राप्त होने वाले रोजगार पर निर्भर है। समयलाल एवं उसकी पत्नी राजमती मनरेगा के अंतर्गत संचालित श्रम मूलक कार्यो में नियोजित होकर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। लम्बे समय से डबरी निर्माण के कार्य से जुड़े समयलाल ने बताया कि मनरेगा श्रमिक के रूप में अनेकों डबरी का निर्माण कार्य करते हुए मुझे स्वयं के डबरी निर्माण की इच्छा हुई और डबरी स्वीकृति हेतु ग्राम पंचायत में आवेदन किया। वर्ष 2020-21 में ही समयलाल के डबरी को स्वीकृति मिली और अन्य श्रमिकों के साथ समयलाल एवं उसके परिवार ने मिल कर दिसम्बर 2020 से ही डबरी निर्माण का कार्य प्रारंभ किया, जो अब पूर्ण होने की स्थिति में है। मनरेगा में अन्य व्यक्तियों के डबरी में मजदूरी का कार्य करने वाला समयलाल अब खुद की डबरी का मालिक बन गया है। समयलाल की दो एकड़ असिंचित भूमि डबरी निर्माण से अब सिंचित होने लगेगी और वह रबी और खरीफ दोनों मौसम में फसल ले पायेगा। समयलाल की डबरी में 1472 मानव श्रम दिवस का सृजन होने के साथ ही 30-35 श्रमिकों को निरंतर रोजगार मिल रहा है। डबरी के निर्माण से सिंचाई क्षमता में विस्तार होने से बारह महीने समयलाल के खेतों को पानी मिलेगा और फसल की पैदावार भी बढ़ेगी। ज्ञात है कि जिले के अकुशल श्रमिक मनरेगा में विभिन्न कार्य में नियोजित होकर निरंतर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। रोजगार सृजन के साथ-साथ मनरेगा में मृदा संरक्षण तथा भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए डबरी, तालाब, मेढ़बंदी, भूमि समतलीकरण, मिट्टी बांध, कूप, बोल्डर चेक, गैबियन स्ट्रक्चर के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। भू-जल स्तर बढ़ने का सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा और भूमि की नमी बनी रहेगी। मनरेगा स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ समय पर मजदूरी का भुगतान भी करता है। जिससे लोगों को काम की तालाश में बाहर नही जाना पड़ता तथा मजदूरी और भुगतान की गारंटी भी मिलती है। मनरेगा ने समयलाल जैसे हजारो श्रमिकों के हाथों को काम दिया और उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान की है। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति के संयुक्त निर्देशन में मनरेगा में संचालित कार्य, रोजगार दिवस का सृजन तथा मजदूरी भुगतान की लगातार समीक्षा की जा रही है। परिणाम स्वरूप मनरेगा के वास्तविक उद्देश्य भौतिक धरातल पर भी सकार हो रहे हैं।

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