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Elephant Protection Rules: अब हाथियों से छेड़खानी पड़ेगी भारी!

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Elephant Protection Rules: हाथी की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। जिसके अनुसार अगर हाथी पर पत्थर फेंकने या पटाखा फोड़कर उकसाने पर अब 3 साल की जेल और 1 लाख रुपए जुर्माना होगा। प्रोजेक्ट एलिफेंट स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य मंसूर खान के अभ्यावेदन पर हाथियों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने नया एक्शन प्लान तैयार किया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक द्वारा सभी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षकों, वनमंडल अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।

Elephant Protection Rules: विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि हाथियों को पत्थर मारने, पटाखे फोड़ने, तेज आवाज कर डराने या किसी भी प्रकार से प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके तहत 3 साल की जेल या 1 लाख रुपए तक जुर्माना या फिर दोनों सजाएं एक साथ हो सकती है। वहीं दोबारा गलती करते हुए पकड़े जाने पर सजा 7 साल तक हो सकती है।

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डीएफओ को कार्रवाई के निर्देश

वन विभाग मुख्यालय द्वारा 17 जून 2026 को जारी पत्र में सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और कांकेर वृत्त के मुख्य वन संरक्षकों सहित उदंती-सीतानदी, अचानकमार टाइगर रिजर्व और गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्टीयरिंग कमेटी ऑफ प्रोजेक्ट एलिफेंट के सदस्य मंसूर खान के अभ्यावेदन और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के 15 जून 2026 के पत्र का ब्योरा दिया गया है।

Elephant Protection Rules: बता दें कि project एलिफेंट की स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य ने अपने अभ्यावेदन में बताया था कि छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हाथियों को खदेड़ने के लिए पत्थर फेंके जाते हैं, पटाखे और तेज शोर मचाकर उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार से हाथी आक्रामक हो सकते हैं। यदि हाथी वापस मुड़ जाए तो वह खदेड़ने वाले पर हमला कर सकता है। वहीं आगे बढ़ने की स्थिति में रास्ते में मिलने वाले निर्दोष लोगों पर भी हमला होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे जनहानि, फसल और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ जाती है।

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