INDIA Alliance Meeting : नई दिल्ली। देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए विपक्षी इंडी गठबंधन आगामी 6 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। इंडी गठबंधन की इस बैठक में क्षेत्रीय दलों की कमजोर होती स्थिति और चुनावी सूचियों (वोटर लिस्ट) में गड़बड़ी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
दरअसल, एक अंग्रेजी वेबसाइट सूत्रों के हवाले से बताया कि हालिया विधानसभा चुनावों में मिली हार और भाजपा की बढ़ती मजबूती के बीच, ममता बनर्जी की टीएमसी और राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी नेता अब आपसी मतभेदों को भुलाकर ‘लोकतंत्र को बचाने’ के लिए एकजुट होने की तैयारी में हैं।
क्यों चिंतित हैं विपक्षी दल?
विपक्षी दलों में यह चिंता लगातार गहरी हो रही है कि आपस में तालमेल और एकता की कमी का सीधा फायदा सत्ताधारी भाजपा को मिल रहा है, जिससे उसकी राजनीतिक पकड़ और मजबूत होती जा रही है।
हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद विपक्षी दलों के तेवर और कड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की मौजूदा चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि अब चुनाव कराने के तौर-तरीकों को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां भाजपा ने जनादेश को “चुरा” लिया था।
चुनाव के इन अनुभवों और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए विपक्षी दल के नेता अब नए सिरे से जमीन मजबूत करने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में देश की चुनावी सूचियों (वोटर लिस्ट) में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता के मुद्दे पर विपक्ष अपनी साझा रणनीति तैयार करेगा।
ममता बनर्जी ने की थी बैठक बुलाने की मांग
गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में बीजेपी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC को राज्य में सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। इसके बाद से ही ममता बनर्जी विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में ममता बनर्जी ने कहा था कि हम चाहते हैं कि कि इंडिया गठबंधन की बैठक जून के पहले हफ्ते में बुलाई जाए और इसमें और भी समान विचारधारा वाले दलों को बुलाया जाए।

