नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों से कार पूलिंग अपनाने और ईंधन की बचत को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब हम एक ही जगह से निकल रहे हैं और एक ही मंजिल की ओर जा रहे हैं, तो क्या हमें कार पूलिंग का विकल्प नहीं चुनना चाहिए?” पीएम की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब कई मंत्री अलग-अलग वाहनों में बैठक में पहुंचे थे।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में अपने सुरक्षा काफिले को भी छोटा करने का निर्देश दिया है और मंत्रियों को भी अपने-अपने वाहनों की संख्या कम करने की सलाह दी है। सरकार की ओर से नागरिकों को पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। मालूम हो कि अधिकांश मंत्रियों ने हाल के समय में अपने साथ चलने वाले सुरक्षा वाहनों की संख्या में कटौती की है। साथ ही कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को जनता से अधिक जुड़ने और उनके बीच समय बिताने पर भी जोर दिया, ताकि सरकार और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके।
इस दौरान उन्होंने दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हालिया जनसंपर्क प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने सिक्किम दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से नेपाली भाषा में बातचीत कर सभी को प्रभावित किया। इसी बीच, पीएम के इस संदेश का असर बुधवार शाम को देखने को मिला, जब कई राज्य मंत्री एक ही कार में बैठकर कर्तव्य भवन-3 पहुंचे और वहां आयोजित प्रगति बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
अपील का दिखा असर
जानकारी के अनुसार, कम से कम छह मंत्रियों ने इस बैठक में डिजिटल माध्यम से भाग लिया। उल्लेखनीय है कि अब तक केवल सचिव और मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी ही प्रगति बैठकों में वर्चुअल रूप से शामिल होते रहे हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील के बाद कई भाजपा शासित राज्यों में मंत्रियों ने या तो अपने वाहनों की संख्या घटाई है या फिर बस और मेट्रो जैसे विकल्प अपनाए हैं। हालांकि, कुछ मामलों में इसका पालन पूरी तरह नहीं हो पाया है, जहां एक भाजपा शासित उत्तर भारतीय राज्य के उपमुख्यमंत्री को राजधानी लौटने के लिए सात सीटों वाली बड़ी गाड़ी मंगवानी पड़ी थी।

