नई दिल्ली। जबलपुर के बरगी बांध पर क्रूज बोट हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (MPT) ने शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। एमपीटी ने दावा किया कि जलाशय में चलने वाली नावों पर सवार यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था।
लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था
सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर निगम ने जवाब दिया, “क्रूज की सवारी (बरगी बांध पर) का आनंद लेने के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था। क्रूज पर पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध थे।” यह दावा मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद किया गया, जिसमें उन्होंने क्रूज बोट पलटने की घटना की उच्च-स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। इस घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार अन्य यात्री अभी भी लापता हैं।
‘लोगों की जान बचाने के लिए कोशिश की’
क्रूज ऑपरेटरों पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज़ किया, जिसके कारण जबलपुर में बोट पलटने की दुखद घटना हुई। जब उनसे पूछा गया कि क्या गहरे पानी में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम थे तो उन्होंने कहा कि बचाव कार्य के लिए लाइफबोट्स मौजूद थीं।
जब पूछा गया कि क्या क्रूज डूबने के दौरान वे लाइफबोट्स लोगों की जान बचाने में नाकाम रहीं तो निगम ने कहा, “मौसम अचानक बदल गया, जिससे किसी को भी कुछ सोचने-समझने या प्रतिक्रिया देने का मौका नहीं मिला। लाइफबोट्स भेजी गईं, लेकिन तब तक जहाज पहले ही डूब चुका था। फिर भी हमने लोगों की जान बचाने के लिए जी-तोड़ कोशिश की।”
‘हमेशा नहीं देख पाते मौसम विभाग की चेतावनी’
मौसम अलर्ट के बारे में उन्होंने कहा, “मौसम विभाग की चेतावनियां आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। हम उन्हें हमेशा देख नहीं पाते।” हालांकि जब उनसे अलग-अलग साइज की लाइफ जैकेट की कमी के बारे में पूछा गया तो निगम ने अपनी मजबूरियां मान लीं।
उन्होंने कहा, “हमारे पास स्टैंडर्ड छोटे, मीडियम और बड़े साइज होते हैं, लेकिन वजन में ज्यादा अंतर होने पर जैसे 100 किलो बनाम 50 किलो हम सही जैकेट नहीं दे पाते।” उन्होंने कहा कि अगली बार जब लाइफ जैकेट खरीदने के लिए टेंडर निकाला जाएगा तो उसमें अलग-अलग तरह के विकल्प शामिल किए जाएंगे।

