कवर्धा: कबीरधाम जिले के ग्राम चचेड़ी में हनुमान जयंती का पर्व इस बार भक्ति, उत्साह और आस्था की अद्भुत मिसाल बन गया। पूरे गांव में सुबह से ही “जय श्रीराम” और “बजरंगबली की जय” के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। गांव के हर घर में जैसे पर्व की खुशी झलक रही थी, तो वहीं आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आयोजित हनुमान कथा ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कथा वाचन का सौभाग्य प्राप्त हुआ विद्वान कथावाचक श्री झम्मन शास्त्री जी के श्रीमुख से, जिनकी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण शैली ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।
कथा के दौरान हनुमान जी की वीरता, भक्ति और सेवा भावना के प्रसंगों ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। कई श्रद्धालु तो भक्ति में ऐसे लीन हो गए कि उनकी आंखों से आंसू तक छलक पड़े। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं बजरंगबली का आशीर्वाद इस आयोजन पर बरस रहा हो।
कार्यक्रम के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें न केवल चचेड़ी गांव बल्कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि हर कोई संतुष्ट होकर लौटा।
गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक, सभी ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे गांव में मानो उत्सव का माहौल बन गया था। लोगों का कहना था कि ऐसा भव्य और श्रद्धा से भरपूर आयोजन पहले कभी देखने को नहीं मिला।
इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। चचेड़ी गांव में हनुमान जयंती का यह पर्व सच में एक यादगार अध्याय बन गया, जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है।
समस्त ग्रामवासी एवं तिवारी परिवार के चचेड़ी वाले

