Yashoda-Krishna Painting: नई दिल्ली। भारतीय कला जगत में एक एतिहासिक रिकॉर्ड बना है। मशहूर चित्रकार राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ अब तक की सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग बन गई है, जिसे 167.2 करोड़ रुपये में खरीदा गया। यह पेंटिंग मुंबई में हुई सैफ्रनआर्ट की नीलामी में बेची गई, जहां करीब सात मिनट तक चली तेज बोली के बाद यह रिकॉर्ड कीमत पर पहुंची। इससे पहले सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग का रिकॉर्ड एम एफ हुसैन की ‘ग्राम यात्रा’ के नाम था, जो 118 करोड़ रुपये में बिकी थी।
साइरस पूनावाला ने खरीदी पेंटिंग
इस ऐतिहासिक पेंटिंग को सीरम इंस्टीट्यूट के संस्थापक साइरस एस पूनावाला ने खरीदा है। उन्होंने इसे सिर्फ निजी संग्रह नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रीय धरोहर’ बताया है। पूनावाला ने कहा कि इस पेंटिंग को समय-समय पर जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि लोग भी इसे देख सकें। उनकी इस खरीद को भारतीय कला बाजार के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
‘यशोदा और कृष्ण’ 1890 के दशक की पेंटिंग है, जो भागवत पुराण के एक प्रसंग को दर्शाती है। इसमें मां यशोदा और बाल कृष्ण के बीच का एक भावनात्मक पल दिखाया गया है। इस पेंटिंग में रोशनी और छाया का शानदार इस्तेमाल किया गया है, जो इसे और भी खास बनाता है। कला विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेंटिंग भारतीय कला की ‘मोनालिसा’ जैसी मानी जाती है।
भारतीय कला बाजार को मिला बड़ा बढ़ावा
इस रिकॉर्ड बिक्री को भारतीय कला बाजार के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारतीय कला को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की बिक्री से यह साबित होता है कि भारतीय कला सिर्फ सौंदर्य ही नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश भी बनती जा रही है। यह रिकॉर्ड आने वाले समय में पूरे कला बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है और नई ऊंचाइयां तय कर सकता है।

