नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर उनकी तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। वर्चुअल बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना था।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री की यह पहली बैठक थी। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के दौरान संयुक्त उपायों को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने आपूर्ति और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम किया था।
पीएम की राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग बैठक
वर्तमान स्थिति से निपटने में सहयोग और समन्वय की भावना ही भारत की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न स्थिति लगातार बदल रही है। इस पर निरंतर निगरानी रखने और रणनीतियां अपनाने की आवश्यकता है। राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि निर्णयों का प्रभावी कार्यान्वयन प्रदेश स्तर पर होता है।
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से आपूर्ति श्रृंखलाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने और जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त उपाय करने का आग्रह किया। मोदी ने मुख्यमंत्रियों को गलत सूचनाओं और अफवाहों के प्रति आगाह किया और कहा कि घबराहट को रोकने के लिए सटीक और विश्वसनीय जानकारी समय पर साझा करना आवश्यक है।
किन-किन राज्यों ने लिया बैठक में हिस्सा
बैठक में भाग लेने वाले मुख्यमंत्रियों में एन चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), भगवंत मान (पंजाब), भूपेंद्र पटेल (गुजरात), उमर अब्दुल्ला (जम्मू और कश्मीर), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश) और पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश) सहित अन्य शामिल थे। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ ¨सह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो सके।

