अक्कू रिजवी/ कांकेर। छत्तीसगढ़ के जाने-माने मुस्लिम नेता कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महासचिव आवेश मेमन ने पत्रकार वार्ता में कहा है कि केंद्रीय बजट से लोगों को जो थोड़ी बहुत भी उम्मीदें रही होंगी वे अब समाप्त हो गई हैं । यह घोर निराशाजनक एवं आम जनता का विरोधी बजट है , जिससे किसानों बेरोज़गारों तथा शासकीय कर्मचारियों एवं मध्यम वर्ग सभी को नुकसान ही होगा , फ़ायदा अगर होगा तो केवल दो चार बड़े पूंजीपतियों को ही होगा , जो देश की जनता का खून चूस कर तिजोरियां भरने में लगे हुए हैं। वास्तव में केंद्र की भाजपा सरकार ऐसे ही लोगों की सरकार है और यदि कोई इसे ग़रीबों या किसानों की सरकार समझता है तो वह बहुत धोखे में है । किसानों के ख़िलाफ़ जो तीन काले कानून लाए गए हैं जिन के विरोध में महीनों से आंदोलन चल रहा है उन्हीं काले कानूनों को मज़बूत करने हेतु यह बजट पेश किया गया है । बजट में छत्तीसगढ़ की तो हर तरह से उपेक्षा की गई है क्योंकि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार केंद्र की मोदी सरकार की आंखों में कांटे की तरह खटकती रहती है। ग़रीबों आदिवासियों , मज़दूरों और बेरोज़गारों के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है । मध्यम वर्ग के लिए बजट में आयकर की कोई छूट नहीं देना क्या सिद्ध करता है? अरबपतियों की सरकार ग़रीब तथा मध्यमवर्ग को क्यों छूट देगी? डीज़ल पेट्रोल के दाम बढ़ाकर तथा उन पर भी कृषि सेस लगाकर मध्यमवर्ग तथा किसानों को कौन सा फायदा पहुंचाया जा रहा है…? इससे ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ जाएगा जो केवल महंगाई ही बढ़ाएगा क्या यही इनका किसान हितेषी या जनकल्याणकारी बजट है…? यह वास्तव में राजनीतिक बजट है जो अर्थव्यवस्था पर आधारित न हो कर राजनीति पर आधारित है। इधर अर्थव्यवस्था की जो हालत है , वह किसी से छुपी हुई नहीं है । इस अर्थव्यवस्था का और भी अधिक कबाड़ा हो जाएगा, जब अप्रैल से यह बजट लागू हो जाएगा।
गिरती अर्थव्यवस्था को और गिरायेगा , यह मोदी सरकार का बजट : आवेश मेमन

