टीकम निषाद/ देवभोग : गढत हे भूपेश बढ़त हे किसान का स्लोगन इन दिनों धरातल में साकार होता नजर आ रहा है । क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में काफी लंबे समय से खेती किसानी छोड़े हुए किसान भूपेश सरकार पर भरोसा करते हुए आज फिर वापस खेती की ओर लौट रहे हैं। साल दर साल हजारों की संख्या में किसान लगातार बढ़ रहे हैं। जिसका प्रमुख कारण राज्य में स्थापित कांग्रेस सरकार द्वारा कर्ज माफी एवं निर्धारित दाम पर धान खरीदने के अलावा बोनस दिए जाने को माना जाता है। अगर गरियाबंद जिले की बात करें तो पिछले सीजन में 68370 किसानों ने 88 पॉइंट 820 रकबा का पंजीयन कराया रहा और इस बार वह बढ़कर 75216 किसानों ने 96 पॉइंट 290 रकबा का पंजीयन कराया है। मतलब 7 हजार से अधिक किसान सिर्फ इस जिले में बढ़े हैं। जबकि महासमुंद धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिले में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। मतलब 25 से 30 साल पहले खेती किसानी छोटे किसान आप अब फिर से खेती शुरू कर अच्छी खासी फसल निकालते हुए सरकार के बोनस का लाभ ले रहे हैं। इससे किसान के चेहरे की खुशी से खिल उठे हैं। क्योंकि कर्ज नहीं पटाने की स्थिति में किसानों को नगद धान बीज खाद सहित अन्य सामग्री लेना पड़ता था। और किसानों के हाथ ताे धान कटाई सीजन को छोड़ अक्सर खाली होता है। जिसके चलते खेती किसानी में रूचि नहीं दिखाते रहे । मगर भूपेश बघेल सरकार की नीति ने किसानों की आर्थिक स्थिति बढ़ाने के अलावा बंजर भूमि को भी सींचने का काम किया है। यही वजह है कि राज्य सरकार धान खरीदने की लिमिट इस बार पिछले वर्ष की तुलना बढ़ा दी है। 90 लाख टन धान खरीदने का दावा किया है। हालांकि मौजूदा फसल की पैदावार देखकर निर्धारित से भी ज्यादा धान उत्पादन होने की पूरी संभावना बताई जा रही है। क्योंकि किसानों को मौसम का साथ मिलने के अलावा कीड़े और फसल नष्ट होने का सामना नहीं करना पड़ा। जिसे लेकर इस बार किसान भी निश्चित नजर आ रहे हैं और धान बेचने के लिए पूरी तैयारी कर लिया है। साथ ही जिले जिले की प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी सतर्कता बरतते हुए वास्तविक किसान को शासन की योजना का लाभ मिले इसकी तैयारी में नजर आ रहे हैं।
इस जिले में इतने किसान बडे
जिला का नाम – पहले किसान – वर्तमान मे किसान
गरियाबंद। -68 हजार 370 – 75 हजार 216
धमतरी। – 1लाख 5हजार 482 -1 लाख1122
महासमुंद। – 1लाख34हजार392 -1लाख4019
राजनांदगांव-1लाख76हजार429 – 1लाख94हजार
बेमेतरा। -1लाख16हजार805 – 1लाख 28हजार

