- आश्रित ग्राम में सड़क तथा पुल नहीं होने से आवागमन में होती है परेशानी
- स्वास्थ्य शिक्षा से लेकर अन्य समस्याओं से जूझते ग्रामीण
- बरसात के दिनों में महीने भर तक अपने ग्राम पंचायत सहित ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है
जानिसार अख्तर/ लखनपुर। आजादी के 70 साल बाद भी लखनपुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत पटकुरा के आश्रित ग्राम कुकुटांगा एवं घटोन का हैं जहाँ लगभग 70 परिवार निवासरत हैं। कुकुर टांगा के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सड़के उबड़ खाबड़ होने तथा नदी के ऊपर पुल नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नदी पार करते समय बाइक सवार अनियंत्रित होकर नदी में गिर जाते हैं जिस कारण बाइक सवारों को चोटें भी आती हैं। गांव में हैंडपंप नहीं होने से यहां के ग्रामीण कुएं एवं पहाड़ से निकलने वाली नदी का पानी पीने को मजबूर है। नदी एवं कुएं का पानी पीने से यहां के ग्रामीण आए दिन स्वास्थ खराब होने का डर बना रहता हैं एक ऐसी भी स्थिति है जहां आवागमन के लिए आज तक इस आश्रित ग्राम में सड़क तक नहीं बना है यहां तक कि यहां के बच्चे नाला पार कर स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं यहां विकास के नाम पर केवल लोगों से छल किया जा रहा है| वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि विकास की तालियां पीटते नजर आते हैं मगर यहां देखने को कुछ भी नहीं, केवल यहां कागजों में ही विकास कार्य हुआ हैं ।
कुएं और नदी के पानी से ग्रामीण बुझा रहे प्यास
आश्रित ग्राम के ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि ग्राम में हैंडपंप नहीं होने से यहां के ग्रामीण कुएं और नदी के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
पटकुरा सरपंच सोनसाय
इस संबंध में जब ग्राम सरपंच सोन साय से बात की गई तो सरपंच के द्वारा मीडिया के सामने बात करने से साफ इनकार कर दिया इसे साफ समझा जा सकता है।

