
बेलगहना वन परिक्षेत्र में रात्रि में होती है सागौन की अवैध कटाई !
बेलगहना। बेलगहना वन परिक्षेत्र इन दिनों अवैध कटाई को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें सर्वाधिक रूप से सागौन की अवैध कटाई की जा रही है, रात्रि में अवैध कटाई होती है सुबह वन अमला जाकर हैम्बर लगाता है। मामला ऐसा लगता है मानो आप कटाई करो हम पीओआर काट कर मामला रफा दफा कर देंगे। कारपोरेशन विभाग के लगे प्लांटेशन के तो सड़क किनारे आराम से सागौन की कटाई कर सिलपट तैयार कर चोरों द्वारा ले जाया जाता है।समझने वाली बात तो यह कि एक तरफ रिजर्व फॉरेस्ट दूसरी तरफ खाई और एक तरफ बेलगहना वन विभाग तो दूसरी तरफ बगधरा बेरियर चारों तरफ से रास्ता मुश्किल फिर भी सागौन चोरी हो रही है। ऐसे में या तो बेरियर या फिर बेलगहना वन अमले द्वारा चोरों को सहयोग मिल रहा है यही प्रतीत होता है।ऐसे में यही कहा जा सकता है कि वन विकास निगम अमला स्वयं मूकदर्शक बन अवैध कटाई को प्रोत्साहन दे रहा है अथवा लिप्त है। हाल ही में वन परिक्षेत्र बेलगहना से सूत्रों से जानकारी मिली है कि वैवाहिक कार्य हेतु ले जाए जा रहे सोफे को रोक मामले को रफा दफा करने मोटी रकम लेनदेन कर छोड़ दिया गया है। परिवार लड़की की शादी किन मुश्किल परिस्थितियों में करता है ऐसी स्थिति में परिवार को कार्यवाही का डर दिखाकर पैसा वसूलना वन विभाग के उच्चाधिकारी को उचित लगा जबकि परिवार जनों ने बताया कि खेत रहन रख कर लड़की के शादी के लिए पैसों की व्यवस्था की गई है।वहीं वन विभाग अवैध कटाई पर कार्यवाही किस दबाव पर नहीं कर रहे।
अब वन विभाग बेलगहना हो अथवा वन विकास निगम बेलगहना दोनों के हाथों वन की सुरक्षा की गारंटी खत्म होती नजर आ रही है। जांच तो वन कर्मचारियों के घरों में और उच्चाधिकारियों के बंगलों में होनी चाहिए। जहां सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि बढ़ई को लकड़ी उपलब्ध कराकर सोफा दीवान बनवाए जाते हैं और खुद व अधिकारियों के घरों तक पहुंचाए जाते हैं। महज कुछ सालों में 4 पहिया व मंहगे गाड़ियों में घूमने वाले अधिकारियों कर्मचारियों की भी जांच होनी चाहिए जिनकी फैमिली बैक ग्राउंड इतनी भी नहीं कि यह सब इतनी जल्दी हासिल कर सकें, अलबत्ता वर्षों से विभागीय नौकरी कर रहे अधिकारी अपनी मोटर बाइक भी नहीं बदल पा रहे।
उपरोक्त परिस्थितियों से ऐसा लगता है मानो विभाग केवल दलाली कर रहा है। वन बचाना, या कटाई दोनों की गारंटी दे सकते हैं तो केवल लकड़ी चोर, जो बेखौफ दिन रात एक कर लकड़ी चोरी कर रहे जिन्हें न जंगली जानवरों का डर है न ही घरवालों से दूरी का मलाल। अब वन विकास निगम केवल चोरों के लिए सागौन प्लांटेशन कर रहा है तो चोर इतना तो कर ही सकते हैं।
