भय के साए में शिक्षा ग्रहण करने मजबूर है नौनिहाल बच्चे, जर्जर स्कूल भवन के संबंध में सुध लेने की फुर्सत नहीं है, विभागीय अधिकारियों को।
कुसमी(फिरदौस आलम) कुसमी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हंसपुर में वर्ष 1952 में निर्मित प्रथमिक शाला भवन जर्जर हो चुका है, आज भी 1952 के बने जर्जर भवन में नौनिहाल बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है।
आपको बता दे की राज्य शासन से वर्ष 2008 – 09 में ग्राम पंचायत को एजेंसी बना कर 04 लाख 65 हजार रुपये का भवन निर्माण कराने की स्वीकृति दिया था।
ग्राम पंचायत हंसपुर के द्वारा भवन निर्माण नही किया गया, और पुराने स्वीकृत भवन को रिवाइज कर के 7 लाख 35 हजार रुपये का लगभग सन 2016 – 17 में शाला प्रबंधक समिति को भवन बनाने का जिम्मा दिया गया था।
विभागीय उदासीनता की वजह से स्कूल भवन विगत 6 वर्ष पूर्व स्वीकृत होने के बाद भी नहीं पूर्ण हो सका ग्राम पंचायत हंसपुर के प्राथमिक शाला स्कूल भवन।
हमारे रिपोर्ट फिरदोश आलम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर जर्जर स्कूल भवन के संबंध में शाला प्रबन्धक समिति से बात की तो, उन्होंने कहा की हमारे खाते में रिवाइज में जो पैसा प्राप्त हुवा था, उस 02 लाख 70 हजार रुपये का काम करा दिया गया है। शेष पैसे की मांग विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी से की लेकिन आज तक शेष राशि जो कि 04 लाख 65 हजार रुपये है, अभी तक नही मिल पाया है,जिसके वजह से भवन टॉप बीम तक कर काम रुक गया। शेष राशि प्राप्त होते भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा। विडंबना तो यह है की,शिक्षा के मंदिर की हालत जर्जर है तो शिक्षा व्यवस्था का हाल जिले में कितनी बेहतर होगी इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब देखने वाली बात यह है कि क्या खबर प्रकाशन के बाद भी कुसमी विकासखंड के ग्राम पंचायत हंस पूर्व प्राथमिक शाला अधूरा भवन पूरा करने की जिला अधिकारियों ने सुध लेती भी है या नहीं।

