BREAKING देश दुनिया वॉच

“हाई कोर्ट ने कैसे दे दिया ऐसा आदेश?” दोषियों को बिना जेल भेजे छोड़ने पर SC सख्त

Share this

“How did the High Court give such an order?” SC strict on releasing the convicts without sending them to jail.

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दो दोषियों को एक दिन की भी जेल की सजा काटे बिना ही बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले पर आपत्ति जताई है।

हाई कोर्ट ने दोषियों को बरी करते हुए यह आधार दिया कि 22 साल तक चली लंबी सुनवाई के कारण दोषियों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालतों ने पीड़ित के बारे में नहीं सोचा, जिसका इलाज आज भी चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को दिया निर्देश

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा, ‘यह ‘गलत सहानुभूति’ का मामला है। ट्रायल कोर्ट ने दोनों को पांच साल की जेल की सजा सुनाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें प्रोबेशन (परिवीक्षा) पर रिहा कर दिया। पीड़ित को न्याय दिलाने के मामले में यह केस शुरुआत से ही विफल रहा।’

कोर्ट ने कहा, ‘हमें यह देखकर हैरानी और चिंता होती है कि ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट ने मामले को कितनी लापरवाही से लिया। संज्ञान लेने से लेकर प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत आरोपियों की रिहाई तक। वे बिना एक दिन भी जेल काटे बच निकले और ऐसा कानून की बड़ी-बड़ी व्याख्याओं के आधार पर दिखाई गई गलत सहानुभूति की वजह से हुआ।’

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *