A Sideways Glance: The reckoning of the accounts proved costly…
प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों के निज सहायकों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। इनमें एक मंत्री के निज सहायक की शिकायतों की चर्चा कुछ ज्यादा है। निज सहायक से जुड़ा मामला थोड़ा पुराना है, लेकिन इससे निज सहायकों को काफी सीख मिली है।चर्चा है कि ट्रांसफर के एवज में निज सहायक ने एक भाजयुमो नेता से हिसाब-किताब कर लिया। लेकिन ट्रांसफर हुआ नहीं और भाजयुमो नेता को लगातार घुमाना निज सहायक पर ही भारी पड़ गया।
बताया जाता है कि नाराज भाजयुमो नेता ने मंत्री बंगले के बाहर निज सहायक की जमकर धुनाई कर दी। मामला मंत्रीजी तक पहुंचा तो उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन निज सहायक का बचाव करना उनके लिए भी आसान नहीं था। वजह यह बताई जा रही है कि भाजयुमो नेता के पास निज सहायक से हुई कथित लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं।
आखिरकार मंत्रीजी ने भाजयुमो नेता को समझा-बुझाकर रवाना किया। उधर, निज सहायक को भी भाजयुमो नेता से अपनी गलती माननी पड़ी। अब कहा जा रहा है कि हिसाब-किताब करने से पहले हिसाब बराबर होने का इंतजार करना चाहिए था।
भाजपा विधायक के बगावती तेवर…
वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन के बगावती तेवर से भाजपा संगठन और सरकार परेशान बताए जा रहे हैं। रिकेश सेन के बगावती तेवर महादेव सट्टा ऐप पर कार्रवाई के दौरान भी सामने आए थे। भिलाई पहले महादेव सट्टा ऐप के निर्माण के कारण चर्चा में रहा और अभी भी सरकार की हर एजेंसी इसकी जांच में लगी हुई है।
महादेव सट्टा ऐप के कारण अधिकारी, नेता से लेकर छुटभैय्ये तक मालामाल हो गए। इसी तरह बीएसपी के निर्माण से लेकर अब तक लोहा चोरी के चलते कई नेता, अफसर, गुंडे-मवाली और नेता मालामाल हो गए। भिलाई में मिला-जुला खेल लंबे समय से चल रहा है, मगर पिछले चार सालों से आपराधिक मामलों का राजनीतिकरण अधिक हो गया है।
छत्तीसगढ़ आ रहे नामी उद्योगपति
देश के बड़े उद्योगपतियों की नजर छत्तीसगढ़ की तरफ पड़ने लगी है। खनिज संसाधनों से भरे इस राज्य में देश के नामी उद्योगपति तेजी से पैसा लगा रहे हैं। गौतम अडानी इस समय प्रदेश के सबसे बड़े उद्योग घराने बन गए हैं और उद्योगपति नवीन जिंदल को तेजी से पछाड़ रहे हैं।
रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी ने नया रायपुर रोड में रायपुर के एक व्यापारी की जमीन 200 करोड़ रुपये में खरीदी है। इसके पहले भी रिलायंस छत्तीसगढ़ में जमीन की खरीदी कर चुका है। मुंबई के दो बड़े व्यापारी पहली बार रियल एस्टेट के काम में प्रवेश कर चुके हैं। गोदरेज की कॉलोनी की राजधानी में चर्चा है।
फेरबदल का जोर…
भाजपा संगठन द्वारा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद कई मंत्रियों के चेहरे उतर गए हैं और कई मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा फिर तेज हो गई है। विभिन्न एजेंसियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से मिल रही रिपोर्ट के बाद सत्ता और संगठन में फेरबदल की चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं।
फेरबदल की अफवाहों की खबरें राजनीतिक क्षेत्रों में कई तरह से सुनाई दे रही हैं। अब यह बनी-बनाई बात है या सही है, इसकी तहकीकात करना कठिन हो गया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंहदेव को डॉक्टरों ने आगामी चार माह आराम करने की सलाह दी है। चिकित्सकों की सलाह के बाद अगले प्रदेश अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अचानक दिल्ली दौरे को भी राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एम्स से खफा बृजमोहन
एम्स के दीक्षांत समारोह के आमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने से सांसद बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व मंत्री राजेश मूणत खफा बताए जा रहे हैं। दो सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उप राष्ट्रपति टी. राधाकृष्णन मौजूद रहेंगे। मगर चर्चा है कि दोनों प्रमुख नेता समारोह में शामिल नहीं होंगे।
बताया जा रहा है कि एम्स के अधिकारियों ने उन्हें आमंत्रित किया है, लेकिन वे सिर्फ एयरपोर्ट पर उप राष्ट्रपति के स्वागत के दौरान ही मौजूद रहेंगे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल प्रोटोकॉल की अनदेखी की शिकायत उप राष्ट्रपति से कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि इस मामले से स्वास्थ्य मंत्रालय को पहले ही अवगत कराया जा चुका है।
तोखन साहू होंगे भाजपा अध्यक्ष?
भाजपा के भीतर चर्चा जोरों पर है कि केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है। दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव हड्डी के ऑपरेशन के बाद फिलहाल ज्यादा भागदौड़ नहीं कर पाएंगे। ऐसे में कार्यकारी अध्यक्ष या पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की चर्चा है।
इसी क्रम में तोखन साहू का नाम सामने आ रहा है। भाजपा के भीतर इस पर जल्द कोई फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है।

