Stricter norms for MBBS NRI quota! Admission will no longer be granted without affidavits and documents.
रायपुर: प्रदेश के निजी कॉलेजों मे 15 फीसदी NRI कोटे की सीटों के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार अब पालकों को ये साबित करना होगा कि छात्र एनआरआई है। इसके लिए उन्हें शपथपत्र देना होगा। प्रदेश के 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई की कुल 163 सीटें हैं। प्रदेश में एनआरआई स्पांसरशिप का नियम है, जिसके तहत एडमिशन दिया जा रहा है। दो साल पहले इस पर काफी विवाद भी हुआ था, लेकिन हाईकोर्ट ने छात्रों के पक्ष में निर्णय दिया था।
स्पांसर्ड एनआरआई के कारण दूर के रिश्तेदार भी प्रवेश का पात्र
वर्तमान में स्पांसर्ड एनआरआई का नियम लागू है। इसके तहत अब तक नाना-नानी, चाचा-चाची, ताऊ, मामा-मामी या दूसरे रिश्तेदारों के विदेश में होने पर एनआरआई कोटे के लिए पात्र है। एमबीबीएस प्रवेश नियम में दो पीढ़ी पहले तक माता-पिता पक्ष से रक्त संबंध की पुष्टि करने वाला प्रवेश के लिए पात्र है। जैसे माता, पिता, भाई, बहन, भाई-बहन की संतान, चाचा, चाचा की संतान, मामा, मामा की संतान, मौसी, मौसी की संतान, बुआ, बुआ की संतान, नाना-नानी, दादा-दादी आदि शामिल हैं। इसके लिए वंशावली प्रमाणपत्र जरूरी है।
एनआरआई के लिए ये शर्तें
- वह निकटतम संबंधी होना चाहिए।
- इनमें पिता के सगे भाई और बहन।
- माता के सगे भाई और बहन, अर्थात् सगे मामा और मौसी।
- पिता और पिता की माता, अर्थात् दादा और दादी।
- माता के पिता और माता, अर्थात् नाना और नानी।
- प्रथम श्रेणी के पैतृक और मातृ संबंधी चचेरे भाई-बहन।
- ऐसा व्यक्ति प्रवासी भारतीय होना चाहिए।
- ऐसे व्यक्ति सामान्यतः विदेश में निवास कर रहे हों।
निजी कॉलेज व सीटें
- कॉलेज कुल एनआरआई
- बालाजी रायपुर 250 37
- रिम्स रायपुर 250 37
- शंकराचार्य भिलाई 250 37
- अभिषेक भिलाई 200 30
- रावतपुरा रायपुर 150 22
- कुल 1150 163

