छत्तीसगढ़। श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा सेवा समिति द्वारा आयोजित 15 दिवसीय चार धाम यात्रा 2026 के तहत 18 अप्रैल को 180 श्रद्धालुओं का पहला जत्था श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना हुआ। यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
समिति पिछले 20 वर्षों से लगातार श्रद्धालुओं को चार धाम यात्रा — गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ — का सफल संचालन करवा रही है। इस वर्ष भी यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हरिद्वार, ऋषिकेश, त्रियुगी नारायण, तुंगनाथ, चोपता, धारी देवी, माणा गांव (भारत का अंतिम गांव), काशी विश्वनाथ मंदिर सहित पंच प्रयाग — विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग — के दर्शन कराए जाएंगे। हरिद्वार पहुंचकर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ यात्रा की शुरुआत करेंगे।
समिति द्वारा यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें हरिद्वार तक आने-जाने की ट्रेन टिकट, हरिद्वार से 2×2 (27 सीटर) बस/टेम्पो ट्रैवलर, होटल/धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था, छत्तीसगढ़ कुक टीम द्वारा भोजन, ट्रेन में लंच, अनुभवी गाइड एवं मैनेजर की सेवाएं शामिल हैं। साथ ही घोड़ा, खच्चर एवं पालकी के लिए मार्गदर्शन तथा चार धाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी समिति द्वारा की जा रही है।

