जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ शासन का सराहनीय प्रयास
पत्रकारों ने राजस्थान के जयपुर, बीकानेर व जैसलमेर में पर्यटन, संस्कृति और विरासत को करीब से जाना

बिलासपुर ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पत्रकारों को जनसंपर्क विभाग ने राजस्थान का जयपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन के अवलोकन का महती सुअवर प्रदान किया।
टीम ने राजस्थान विधानसभा भवन के संग्रहालय का भी किया अवलोकन

संग्रहालय में राजस्थान के इतिहास में आज तक जो विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री बने उनकी मूर्ति रखी हुई है। वह सबके आकर्षण का केंद्र रही।इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने भ्रमणशील पत्रकारों के साथ फोटो सेशन किया। हमें जानकारी दी गई यह म्यूज़ियम सिर्फ संग्रहालय नहीं है — यह राजस्थान और उसके लोकतंत्र की यात्रा को समझने, राजनैतिक प्रणाली की कार्यप्रणाली सीखने, और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को जानने का एक सजीव और रोचक अनुभव देता है।
छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदेश के पत्रकारों के लिए राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों जयपुर, बीकानेर एवं जैसलमेर का शैक्षणिक एवं अध्ययन भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को अन्य राज्यों की पर्यटन व्यवस्था, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सांस्कृतिक प्रस्तुतिकरण तथा स्थानीय जीवनशैली से परिचित कराना रहा, ताकि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को और अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया जा सके। सभी पत्रकारों ने राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर और राजाओं की दूरदर्शिता को हम पत्रकारों ने भ्रमण के दौरान अवलोकन कर भली भाती समझा।

जयपुर भ्रमण के दौरान हम पत्रकारों ने आमेर किला,हवा महल का वलोकन किया। जयपुर की स्थापना कछवाहा वंश के प्रतापी शासक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने किया था। उन्होंने सुनियोजित नगर निर्माण और वैज्ञानिक सोच का परिचय देते हुए जयपुर को ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि आधुनिक दृष्टि से भी विकसित किया।

//बीकानेर भ्रमण//
बीकानेर में पत्रकारों को भव्य जूनागढ़ किला भ्रमण कराया गया। बीकानेर रियासत की स्थापना राव बीका ने की थी। रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद बीकानेर के किले और महल यह दर्शाते हैं कि सीमित संसाधनों में भी कैसे सशक्त शासन और स्थापत्य विकसित किया जा सकता है।हम सभी बीकानेर के करणी माता मंदिर आरती में भी शामिल हुए।
//जैसलमेर भ्रमण//
जैसलमेर में रावल जैसल द्वारा स्थापित विश्वविख्यात सोनार किला, पटवों की हवेली और सलीम सिंह की हवेली हमारी टीम के आकर्षण का केंद्र रहीं। पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित यह किला आज भी जीवंत विरासत का अप्रतिम प्रतीक है।

धार्मिक संस्कृति और परंपराएँ
राजस्थान की धार्मिक संस्कृति में मंदिर, जैन तीर्थ, लोकदेवताओं की आस्था और परंपराएँ गहराई से जुड़ी हैं। जयपुर का गोविंद देव जी मंदिर, बीकानेर का करणी माता मंदिर और जैसलमेर के जैन मंदिर धार्मिक सहिष्णुता और आस्था के प्रतीक हैं। पर्व-त्योहारों और लोकमेलों के माध्यम से संस्कृति को पर्यटन से जोड़ा गया है।

//जैसलमेर वार म्यूज़ियम//
भारतीय सेना के वीरों की शौर्य गाथा प्रदर्शित करती जैसलमेर वार म्यूज़ियम में प्रवेश करते ही देश के वीर जवानों के प्रति ह्रदय से श्रद्धा उमड़ पड़ी। सच मानें तो सन् 1965 और 1971 के भारत- पाक युद्ध के वीर सैनिकों को समर्पित यह संग्रहालय किसी पुण्य भूमि से कम भी नहीं लगा।

//राजस्थानी व्यंजन और लोककला की विशेष वैश्विक पहचान////
हम पत्रकारों ने राजस्थानी व्यंजनों जैसे दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, बाजरे की रोटी और घेवर का स्वाद लिया। साथ ही घूमर, कालबेलिया नृत्य, लोकसंगीत, हस्तशिल्प, मीनाकारी, ब्लू पॉटरी और पारंपरिक वस्त्र कला का अवलोकन किया। गौरतलब है कि भ्रमण के दौरान पत्रकारों की टीम ने यह समझा जाना कि राजस्थान ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, राजाओं की विरासत, लोकसंस्कृति और खान-पान को सुनियोजित ढंग से पर्यटन से जोड़ा है। बेहतर प्रचार, स्थानीय सहभागिता और सरकारी सहयोग ने पर्यटन को वहाँ रोजगार और आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम बनाया है।

//गृह प्रदेश छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत//
हमारे छत्तीसगढ़ में भी सिरपुर, भोरमदेव, रतनपुर, राजिम और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को इसी प्रकार संरक्षित, प्रचारित और प्रस्तुत करे, तो राज्य पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।आपको बताते चलें कि छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित यह अध्ययन भ्रमण पत्रकारों के लिए अनुभव, सीख और दृष्टि विस्तार का माध्यम बना। यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सही नीति, संरक्षण और प्रस्तुति से पर्यटन किसी भी राज्य के विकास का मजबूत आधार बन सकता है।

जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश शशिकांत मिश्रा, पी.के. तिवारी, विजय कुमार खेत्रपाल, रतिकांत बनर्जी, संजय यादव, अभिनय कुमार साहू, लव कुशवाहा, सुरजीत सिंह,जय कुमार ताम्रकार, कमलेश लकात्रे, उत्तम कुमार पाण्डे, टिकेश्वर तिवारी, राजेश दुआ, अर्जुन झा, विवेक सिंह ठाकुर, दीपक सराठे, सुनील शर्मा, नवीन गुप्ता, सुब्बा राव
गिरीश शर्मा,जितेन्द्र नागेश, राहुल सोन, मनोज कुमार सिंह, रमेश भार्गव, ओ.पी. डहरिया, विजय त्रिपाठी,सुनील गुप्ता
रजत अवस्थी, ने हवाई यात्रा से राजस्थान को करीब से अवलोकन करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।


