
बिलासपुर। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ने लंबित मांगों को लेकर 4 सितंबर को देशभर के जीएम कार्यालयों के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बिलासपुर में भी रेलकर्मियों ने संयुक्त क्रू लॉबी से रैली निकालकर नारेबाजी की और सरकार पर दबाव बनाया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में टीए के सापेक्ष केएम दर में 25 प्रतिशत वृद्धि, केएम भत्ते के 70 प्रतिशत हिस्से को इनकम टैक्स मुक्त करना, माइलेज भत्ते में उचित बढ़ोतरी और साइकौ टेस्ट फेल एलपी/एएलपी की वेतन कटौती आदेश को रद्द करना शामिल है। संगठन का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता बढ़ने के बावजूद रनिंग स्टाफ का माइलेज भत्ता वर्षों से अटका हुआ है।
रेलकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ की भारी कमी और दबावपूर्ण ड्यूटी के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही है। त्योहारों और छुट्टियों के मौके पर भी अवकाश न मिलना, 24 घंटे तक की ड्यूटी के बाद पर्याप्त आराम न मिलने जैसी समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि रेलवे बोर्ड ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो अगला कदम और कठोर होगा। एआईएलआरएसए ने स्पष्ट किया कि 2 से 4 दिसंबर तक 48 घंटे की हड़ताल पर रनिंग स्टाफ जाने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन पर होगी।
