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स्वास्थ्य मंत्री ने किया दारू दुकान का निरीक्षण, भूपेश बघेल बोले, शिकायतें दवा की है, मंत्री दारू दुकान का ……

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और जीपीएम जिले के प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एक दिवसीय दौरे पर बुधवार को जिले पहुंचे। जहां उन्होंने “सुशासन तिहार” में भाग लेने के बाद पेंड्रा स्थित अंग्रेजी शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया। उनके इस निरीक्षण को लेकर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा है कि शिकायत दवा की है, स्वास्थ्य मंत्री दारू दुकान का निरीक्षण कर रहे हैं।

मंत्री जायसवाल ने शराब दुकान में उपलब्ध ब्रांड और वैरायटी की गुणवत्ता की जांच की और मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि “भाजपा के घोषणा पत्र में कहीं भी शराबबंदी का वादा नहीं किया गया है।” उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “गंगाजल लेकर वादा करने वाली कांग्रेस ने नकली और अवैध शराब को बढ़ावा दिया है।”

मंत्री ने कहा कि सरकार का काम शराब की दुकानें चलाने के प्रबंधन को ठीक रखना भी है और वह यह देखने पहुंचे थे कि “सभी ब्रांड्स उपलब्ध हैं या नहीं।” यह बयान उस समय आया है जब राज्य के सरकारी अस्पतालों में फंगस लगी दवाएं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

भूपेश बघेल ने किया पलटवार

इस निरीक्षण पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखा तंज कसते हुए लिखा:
“शिकायतें दवा की हैं, दवा में कमीशन की हैं, पर स्वास्थ्य मंत्री दारू दुकान का औचक निरीक्षण कर रहे हैं! सुशासन तिहार चकाचक चल रहा है।”

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर आलोचना तेज हो गई है। कई यूजर्स ने सवाल किया कि जब सरकारी अस्पतालों में खराब दवाएं और संसाधनों की कमी की शिकायतें आ रही हैं, तो ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का शराब दुकानों की ब्रांड चेक करने जाना क्या दर्शाता है?

श्यामबिहारी जायसवाल ने कही ये बात

इस दौरान मंत्री ने कांग्रेस द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” के समर्थन में निकाली जा रही तिरंगा यात्रा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “देश ऑपरेशन सिंदूर के साथ है, कांग्रेस का समर्थन करना अच्छी बात है।”

वहीं सुशासन तिहार के दौरान मिली लाखों शिकायतों पर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि “यह मुद्दा-विहीन कांग्रेस का रटा-रटाया बयान है। हमारी सरकार हर वर्ग के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है।”

यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दर्शाता है कि प्रदेश की राजनीति में स्वास्थ्य व्यवस्था, शराब नीति और सार्वजनिक छवि के मुद्दे किस तरह से टकरा रहे हैं, और आने वाले समय में यह बहस और तेज हो सकती है

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