क्राइम वॉच रायपुर वॉच

बॉडी टू बॉडी मसाज की कीमत 4 से 5 हजार रूपए

स्पा सेंटर की आड़ में सैक्स रैकेट का कारोबार
रायपुर( रामप्रसाद दुबे)। राजधानी की चारों दिषाओं में तेजी से फलफूल रहे स्पा सेंटर को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे है। इसमें सेंटर की वैधानिकता से लेकर मसाज के नाम होने वाली प्रकिऊया तक शामिल है। वही एक अपुष्ट सूत्रधार ने नाम गोपनीय रखने की शर्त में बताया है कि स्पा सेंटर में पंजीयन के उपरांत कमरे की डार्क रोषनी में सैक्स का खुला कारोबार संचालित हो रहा है। इसमें ग्राहक की मांग पर पसंद की महिला या लड़कियंा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें मसाज करने वाली महिला या लड़की बॉडी टू बॉडी मसाज के लिए 4 से 5 हजार रूपए की मांग करती है । जो इन कर्मचारियों की व्यक्तिगत आय होती है। लेकिन सूत्रधार का कहना है कि मसाज सेंटर संचालक को अंदर की वास्तविकता का पता होता हैं । जो बाद में प्राप्त राषि में से अपना हिस्सा मसाज करने वाली महिलाओं से प्राप्त कर लेता है। लिहाजा ब्यूटी पॉर्लर व मसाज सेंटर में चल रहे देहव्यापार पर कानून क्यों कार्रवाई नहीं कर पा रहा है यह एक बड़ा सवाल है। वही लाइसेंस प्रदान करने वाले जिम्मेदार नगर पालिक निगम के अधिकारी अधिकारिता की बात कहकर सवाल या कारोबार पर कार्रवाई को लेकर बचते दिखलाई पड़ते है। वही वास्तविकता यह है कि यह सभी सेंटर जिस्म के शौकीन लोगों की पनाहगाह बने हुए है। बता दें कि रायपुर जिलें में एक अनुमानित जानकारी के अनुसार 200 से अधिक स्पा सेंटर अलग अलग नाम से संचालित हो रहे है । जहां जिस्म का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। दिन के उजाले और डार्क रोषनी में होने वाले मसाज के शौकीन हर वर्ग के लोग है इसमें व्यावसायी से लेकर पढ़ने लिखने वाले कॉलेज स्कूल के युवा और नेता व सरकारी गैर सरकारी कर्मचारी अधिकारी शामिल है । जो थकान मिटाने के बहाने शौक को पूरा कर रहे है । इससे धीरे धीरे एक नई महानगरीय कुसंस्कृति पनप रही है ।
1 से 2 लाख रूपए किराए पर संचालित- रायपुर में तेलीबांधा शंकरनगर संतोषी नगर कटोरातालाब सहित तकरीबन 2 दर्जन जगहों में यह किराए पर चलाए जा रहे है। जिनकी माह का किराया 1 से 2 लाख रूप्ए है। जो 2 बाई 2 कमरे के आकार प्रकार में होते है जहां एक समय में अलग अलग कमरे में मसाज कर्मी ग्राहक की पंसद पर सेवाएं देती है।
बुजुर्ग अधिक शौकीन- एक जानकारी के अनुसार इन जगहो में जाने वाले ज्यादातर बुजुर्ग उम्र के व्यक्ति होते है ऐसा नही है कि युवा नहीं जाते वे भी जाते है मसाज कम शौक पूरा करते है।
अधिकांश के वेैधानिक लाइसेंस नहीं- छग वॉच के एक गोपनीय स्टिंग में यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकांष स्पा सेंटर के पास काम के अनुरूप लाइसेंस नहीं है। नाम अलग काम अलग है? नियम यह कहता है कि किसी दूकान या संस्था को संचालित करने के पहले निगम से गुमाष्ता लाइसेंस लेना होता है जो इन संचालकों में कई के पास नहीं है।
सिर्फ 05 मसाज केन्द्र का पंजीयन- रायपुर नगर पालिक निगम के वर्ष 2022 में राजस्व विभाग के रिकार्ड में केवल 05 स्पा सेंटर ने पंजीयन कराया है वही पूर्व के वर्षो को मिलाकर देखें तो भी 100 की संख्या होनी चाहिए लेकिन संचालन कहीं अधिक।
महिलाएं भी शौकीन- रायपुर में कई जगह पर महिलाओं का मसाज का काम चल रहा है जहां पुरूष मसाज करते है इसमें ज्यादातर शौकमंद उच्चवर्गीय महिलाए पुरूषों से मसाज कराना पसंद करती है।
नौकरी करने कहकर आती है युवतियां- जिन प्रदेशों से युवती या महिलाएं दलाल के माध्यम से लाई जाती है वे अपने घर पर नौकरी करने के लिए जाने की बात कहकर आती है। इसमें हरियाणा राजस्थान दिल्ली व कोलकाता महाराष्ट्र व छग के ग्रामीण इलाकों से होती है।
शिकायत पर कार्रवाई- रायपुर नगर पालिक निगम में गुमाष्ता लाइसेंस प्रभारी नरेन्द्र नायक कहते है कि षिकायत पर कार्रवाई की जाती है इसमें सभी तरह की दूकानें है कई बार अभियान चलाया भी गया है हाल में कोई अभियान या जांच नहीं हुई है।
लेबर एक्ट में शामिल- वही रायपुर में अपर आयुक्त अरविंद शर्मा के अनुसार यह श्रम विमाग के कानून का हिस्सा है वही एक्ट पर अनुमति दी जाती है फिर भी षिकायत मिलने पर कार्रवाई या स्व मोटो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती रही है।
मैनेजर चलाते हैं सेंटर- अधिकृत जानकारी के अनुसार रायपुर में चलने वाले ज्यादातर सेंटर का संचालन मैनेजर करते हैं जबकि मालिक कोई और होते हैं जो कैमरे पर रहकर निगरानी करते हैं ऐसे में उन मालिकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए और जांच होनी चाहिए क्योंकि मासिक खर्च के कर्मचारी पर अधिक जिम्मेदारी नहीं।
पुलिस कार्रवाई- स्पा सेंटर पर पुलिस ने लोटस व इप्रेस्यिां संतोषी नगर के सेंटर में षिकायत पर कार्रवाई कर चुकी है । इसके बाद भी रायपुर में कई जगह में स्पा सेंटर में उक्त गोरखधंधा चल रहा है। विषेष इस रिर्पोट की सच्चाई छग वॉच के पास ऑडियों में उपलब्ध है बाकायदा प्रतिनिधि ने सूचना को सत्यापन करने के बाद प्रकाषन करने का निर्णय लिया और कसौटी पर परखने के बाद ही प्रकाषित कियाजा रहा है। रायपुर में उप पुलिस अधीक्षक क्राइम दिनेश सिन्हा का कहना है कि वैलनेस और स्पा सेंटर में प्रक्रियाएं वैधानिक चलती हैं तो कोई परेशानी का विषय नहीं है परंतु इन जगहों पर इलीगल कार्रवाई होती हैं निश्चित तौर पर पुलिस सूचना मिलने पर कार्रवाई करती है और अगर कहीं सूचना पाई जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को पहुंचता है मासिक खर्च- सूत्रधार के अनुसार पुलिस को हर माह इस प्रकार के सेंटरों से खर्चा पहुंचता है इसलिए कार्यवाही नहीं होती और शिकायत पर कोई कार्रवाई के लिए प्लान किया जाता है तो पुलिस के सूत्रधार ही संबंधित संस्थान को सूचना दे देते हैं और वह अलर्ट हो जाते हैं यहां तक की कानूनी धाराएं इस प्रकार की है कि इसमें आसानी से ऐसे संचालक बच निकलते हैं।
किस तरह होती है प्रक्रिया- एक जानकारी में बताया कि सर्वप्रथम ऑन या ऑफलाइन पंजीयन करना होता है इसमें 1000 से 1500 रूपए देना पड़ता है। फिर डार्क कमरे में ग्राहक को भेजा जाता है फिर मसाज कर्मी महिला या युवती पहुंचती है जो यह पूछती हैकि कौन सा मसाज करना है । इस दौरान ग्राहक प्रस्ताव रखता है तो युवती मसाज की कीमते बताती है और बॉडी टू बॉडी मसाज के नाम 4 से 5 हजार लेती है और सैक्स की प्रकिऊया की जाती है । बता दे कि डार्क कमरे में अंदर में बाथरूम होता है। जहां गर्म या ठंडे पानी से ग्राहक शरीर को साफ करने की सुविधा दी जाती है।

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