Friday, December 9, 2022
रायपुर वॉच

करणी कृपा स्टील पावर प्लांट लगाने के विरोध में अखण्ड सत्याग्रह जारी…213 वें दिन सत्याग्रहीयों ने नारे लगाकर सत्याग्रह स्थल पर दिया धरना

किसान आंदोलन 15 अप्रैल,आंदोलनकारी किसान मोर्चा,

रायपुर। हाईवे स्थिति खैरझिटी,कौंवाझर,मालिडीह के कृषि भूमि,गरीबों का काबिल कास्त भूमि, आदिवासी भूमि,शासकीय भूमि में गैर कानूनी ढंग से करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट लगाने के विरोध में विगत 25 फरवरी 2022 से किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अखण्ड सत्याग्रह चल रहा है।आज अखंड सत्याग्रह के 213 वें दिन खेती किसानी के बाद भी लगभग 40 किसान शामिल हुए।अखंड सत्याग्रह का नेतृत्व किसान नेता नंदकिशोर यादव,नंदलाल सिन्हा,तारेंद्र यादव उप सरपंच,बिषरू सिन्हा,बंशीलाल यादव,भोलाराम सिन्हा,कौशल धीवर,बोधन यादव, दशरथ सिन्हा ने किया।आज अखंड सत्याग्रह में शामिल कार्यकर्ताओं को किसान नेता चैनुराम साहू,उदयराम चंद्राकर,नंदलाल पटेल,नंदकिशोर यादव,मोतीलाल सिन्हा,नाथूराम सिन्हा,श्रीमती डिगेश्वरी चंद्राकर, राधबाई सिन्हा,कांति बाई साहू, चन्द्रोतीन यादव,ललीता सिन्हा आदि ने संबोधित किया।अखण्ड सत्याग्रह में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किसान नेता चैनुराम साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चल रहे इतनी लंबी लड़ाई से महासमुन्द के सत्ताधारी दल के नेता और विपक्षी दल के नेताओं में खलबली मच गई है।सबसे अधिक दिन तक एक उद्योगपति के खिलाफ चल रहे आंदोलन महासमुन्द जिला के साथ ही साथ पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में इतिहास रच दिया।उदयराम चंद्राकर ने कहा कि गैर कानूनी ढंग से निर्माणाधीन करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट के विरुद्ध इस किसान आंदोलन की सफलता के पीछे राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे जी की कुशल नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं का अनुशासन और संयम है।नंदकिशोर यादव ने कहा कि बागबाहरा ब्लाक के ग्राम कन्हारपुरी निवासी किसान कांतिलाल साहू के आत्महत्या पर आज तक छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा चुप्पी साध लिए हैं जो समझ से परे है।अपने आपको किसान हितैषी कहने वाले मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल जी जब उत्तरप्रदेश के किसानों को 50-50 लाख मुआवजा दे सकते हैं तो हमारे छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया किसान को क्यों नहीं?मुख्यमंत्री जी जबाब दे। राधबाई सिन्हा ने कहा कि किसान आंदोलन की दूसरी सफलता का राज है महिला किसान की बहुलता और नेतृत्व।डिगेश्वरी चंद्राकर ने कहा कि इस किसान आंदोलन ने हम लोगों को जन आंदोलन चलाने की बड़ी सीख दी है।साथ ही साथ लम्बी लड़ाई लड़ने में गांधीवादी सत्याग्रह और अनुशासन सफलता की बड़ी हथियार है।

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