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बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के 8वीं पास युवा बनेंगे CRPF के जवान, PM मोदी ने शैक्षणिक योग्यता में दी विशेष छूट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के लिए आदिवासी युवाओं के लिए शैक्षणिक योग्यता में छूट को मंजूरी दे दी है। अब बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के आंतरिक क्षेत्रों से भर्ती रैली के माध्यम से सीआरपीएफ  में कांस्टेबल के रूप में भर्ती आदिवासी युवाओं को शैक्षणिक योग्यता में विशेष छूट दी जाएगी।

केंद्र सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के अंदरूनी इलाकों के करीब 400 आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बुधवार 31 मई 2022 को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

इससे पहले सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद के लिए आदिवासी युवाओं की शैक्षणिक योग्यता कम से कम 10वीं पास रखी गई थी। इसे अब घटाकर 8वींं कर दिया गया है। इसके बाद अब दक्षिण बस्तर के तीन जिलों बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के 8वीं पास युवा सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।

बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय द्वारा भर्ती के लिए शारीरिक मानकों में भी उपयुक्त छूट दी जाएगी। गौरतलब है कि सीआरपीएफ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है, जो मूल रूप से कानून व्यवस्था बनाए रखने, उग्रवाद का मुकाबला करने और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए है।

सीआरपीएफ ने 2016-2017 के दौरान छत्तीसगढ़ के सभी चार जिलों बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा से एसटी उम्मीदवारों की भर्ती करके एक बस्तरिया बटालियन का गठन किया था। हालांकि, यह इष्टतम परिणाम नहीं दे सका क्योंकि आंतरिक क्षेत्रों के मूल युवा 10 वीं पास जैसी आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी न करने के कारण भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके थे।

सीआरपीएफ ने छत्तीसगढ़ के अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों से 400 मूल आदिवासी युवाओं को कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) के रूप में भर्ती करने का प्रस्ताव रखा है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस सराहनीय प्रयास के लिए ट्वीट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया है।

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