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नवरात्रि के आठवें दिन होती है देवी महागौरी की पूजा, जानें पूजा विधि से लेकर सब कुछ

नवरात्रि ( navratri) अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस साल चैत्र नवरात्रि ( chaitra navratri)  पर एक भी तिथि का क्षय न होने के कारण नवरात्रि (navratri) दिनों की पड़ रही है। जिसके कारण इस साल अष्टमी 9 अप्रैल(april) को मनाई जाएगी। कुछ लोग अष्टमी तिथि को ही कन्या पूजन के साथ व्रत पारण करते हैं।

नवरात्रि( navratri) अष्टमी शुभ मुहूर्त( subh muhrat) 2022-

शुक्ल पक्ष अष्टमी 08 अप्रैल को रात 11 बजकर 05 मिनट से शुरू होगी, जो कि 10 अप्रैल को सुबह 01 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी। अभिजीत( abhijit) मुहूर्त 09 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

चैत्र नवरात्रि (navratri)अष्टमी महत्व-( importance)

शास्त्रों( shastro) के अनुसार, अष्टमी तिथि के दिन मां दुर्गा( maa durga) की विधि-विधान के साथ पूजा करने से सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा( maa durga)की कृपा से भक्तों को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

कन्या पूजा की विधि ( rules )

पूजन से पहले सभी कन्‍याओं को एक दिन पहले ही उनके घर जाकर निमंत्रण ( invite) जाता है।

घर में सभी नौ कन्याओं का प्रवेश होने पर उन्हें आरामदायक और स्वच्छ( clean) जगह बिठाएं।

सभी के पैरों को दूध से भरे थाल में रखकर अपने हाथों से उनके पैर स्‍वच्‍छ पानी ( clean water)से धोएं।

कन्‍याओं के माथे पर अक्षत, फूल या कुमकुम लगाएं फिर मां भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को इच्छा अनुसार भोजन( dinner) कराएं।

भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा, उपहार ( gift) और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।

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