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कांग्रेस की ‘जानकारी’ में हुई मोदी को घेरकर मारने की साज़िश! इन सबूतों में छिपे हैं बड़े सवाल

नई दिल्ली। फिरोजपुर में पीएम मोदी की सुरक्षा चूक के मामले में कई हैरान करने वाली जानकारियां अब सामने आ रही हैं। ये बताती हैं कि किस तरह से एक सोची-समझी साजिश के तहत पीएम मोदी को निशाने पर लिया गया। ये एक ऐसी ख़तरनाक साजिश थी, जिसमें पीएम की जान को सीधा खतरा था। हैरान करने वाली बात यह है कि जो नए तथ्य सामने आए हैं,  उसमें विपक्षी कांग्रेस को इस साजिश की जानकारी होने की साफ बू आ रही है। इस मामले में पंजाब की चन्नी सरकार सीधे तौर पर पार्टी बनती नजर आ रही है। ये एक स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल है कि जब पीएम को सड़क मार्ग से जाना होता है, तो SPG उस राज्य के DGP से पूछती है। उनकी हरी झंडी के बाद ही यात्रा शुरू हो सकती है। सीधा सा सवाल है कि जब सड़क पर ब्लॉक था तो मंजूरी क्यों दी गई। दरअसल, सामने आए नए तथ्य ये बताते हैं कि फिरोजपुर में पीएम मोदी के काफिले को रोकने में पंजाब पुलिस सक्रिय रूप से शामिल थी और ये सब चन्नी सरकार के इशारे पर किया गया।

पंजाब के फिरोजपुर जिले के हुसैनीवाला के पास 5 जनवरी 2022 को पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक से जुड़े जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें सब कुछ शीशे की तरह साफ है। इन वीडियो में पंजाब पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ चाय पीती नजर आ रही है। ये वीडियो इस बात की भी पुष्टि करते हैं कि विरोध में उतरे ये लोग पीएम के काफिले के आसपास पहुंच चुके हैं। साज़िश के ये तार सीधे तौर पर चन्नी की सरकार से जुड़ते हैं। खुद चन्नी अपने बयान से इसपर मुहर लगाते हैं। चन्नी ने पहले दावा किया कि मोदी की फिरोजपुर रैली में 70000 कुर्सियां ​​थीं, लेकिन 700 लोग ही आए। इसलिए बीजेपी ने रैली को रद्द कर दिया। फिर खुद उन्हें समझ आ गया कि ये बयान फिट नहीं हो पा रहा है, क्योंकि रैली में भीड़ के विजुअल सामने आ चुके थे। इसके बाद उन्होंने पैंतरा चलते हुए पूरी घटना को ‘स्वाभाविक’ बता दिया। उन्होंने इस बार ठीकरा खराब मौसम पर फोड़ते हुए कहा कि उन्होंने  PMO से खराब मौसम की स्थिति और विरोध के कारण यात्रा बंद करने के लिए कहा था। चन्नी बोले कि हमारे पास प्रधानमंत्री मोदी के काफिले की अचानक मार्ग परिवर्तन करने की कोई सूचना नहीं थी।

PM Modi

चन्नी के इस बयान में साजिश की बू का खुलासा खुद उनके डिप्टी सीएम ने कर दिया। पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने माना कि पीएम मोदी की सुरक्षा से वाकई चूक हुई है। चन्नी को साजिश की जानकारी थी, इस बात के संकेत उनके दूसरे बयानों से भी खुलकर सामने आए। उन्होंने एक और यह बयान दिया कि कुछ कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आने के कारण उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया और वो पीएम मोदी का स्वागत करने नहीं पहुंच पाए। मगर अगले ही दिन वे टीवी चैनलों को घूम घूमकर इंटरव्यू देते नजर आए। इस दौरान वे आम लोगों से मिलते भी रहे। अब तक आईसोलेशन का मुद्दा भी हावी हो चला था। पीएम के खिलाफ की गई साजिश कितनी संवेदनशील थी, इसे समझने के लिए उस स्थान की भौगोलिक स्थिति को भी समझना होगा। पंजाब के जिस इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले को रोका गया वह फिरोजपुर जिला काफी संवेदनशील माना जाता है। जहां प्रधानमंत्री मोदी का काफिला रुका था, वह जगह भी पाकिस्तान सीमा से महज कुछ किमी दूरी पर है। इस क्षेत्र में कई बार टिफिन बम और विस्फोटक भी बरामद हो चुके हैं। यहां से हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए जा चुके हैं। इसी बीच फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल ने सतलुज नदी से एक पाकिस्तानी नाव बरामद की। बरामदगी के वक्त यह नाव खाली थी। सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि यह नाव यहां कब आई, इसमें कौन लोग सवार थे और इसे यहां लाने का मकसद क्या था। अहम बात यह है कि ये सब घटनाक्रम उसी वक्त का है, जब पीएम की सुरक्षा में सेंध लगाने की कवायद की गई।

विपक्षी कांग्रेस किस तरह से इस मामले में शामिल थी, इसके सिलसिलेवार सबूत सामने आ रहे हैं। मकसद नाकाम होने के बाद उनकी फ्रस्टेशन भी सामने आ रही है। पंजाब के सीएम चन्नी ने इसके बाद टांडा में एक रैली की और पीएम के लिए बेहद ही घटिया शब्दों का इस्तेमाल किया। चन्नी ने पीएम के लिए तू-तड़ाक का इस्तेमाल करते हुए यहां तक कह दिया कि तेरे आगे कोई गोली तो चली नहीं कि खतरा होगा। विपक्ष की इस साजिश की जड़ में कुछ पुरानी घटनाएं भी उभर कर आ रही हैं। जिस जलालाबाद कस्बे में 15 सितंबर 2021 में ब्लास्ट हुआ, वह भी फिरोजपुर के नजदीक है। यहीं पास में मोगा जिला है। ये जिला खालिस्तानी आंदोलन के जनक आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले की जन्मस्थली है। विपक्ष की इस साजिश के सबूत एक पुराने वीडियो में भी मिले हैं। ये वीडियो दिसंबर 2020 को यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। इसमें पीएम मोदी जैसे शख्स को प्रदर्शनकारियों के बीच घिरा दिखाया गया है। बड़ी बात यह है कि 5 जनवरी को ये एनिमिटेड वीडियोज खूब वायरल हुए और उसी दिन पीएम की सुरक्षा में चूक हुई। ये सारा कुछ संयोग नहीं था, बल्कि तथ्य इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि ये मोदी की लोकप्रियता के आगे बौने साबित हो चुके विपक्ष का सोचा समझा प्रयोग था।

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