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धान खरीदी पर अमरजीत भगत बोले- केंद्र सहयोग नहीं कर रही, बारदाने भी नहीं दे रही, उसना चावल नहीं लेने का नया ड्रामा

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख तय होते ही सियासी घमासान भी शुरू हो गया है। मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्र सरकार पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बारदाने का संकट है और केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है। अभी तक बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने उसना चावल नहीं लेने का ड्रामा शुरू कर दिया है।

हम समस्याओं पर चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार से समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक समय नहीं मिला है। सरकार ने इस बार 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में इस बार 1 दिसंबर से धान खरीदी होगी।

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत खरसिया रवाना होने से पहले बिलासपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित में निर्णय लेने के लिए सहयोग नहीं कर रही है। इस बार मिलरों को परेशान करने के लिए उसना चावल की खरीदी नहीं करने की बात कह दी है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हम किसानों के साथ हैं।

अरवा चावल खरीदने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धान खरीदी के लिए बारदाने नहीं दे रही है। ऐसे में बारदाने का संकट उत्पन्न हो सकता है और धान खरीदी प्रभावित हो सकती है।

भगत ने बताया केंद्रीय पूल में चावल लेने की शर्तों से सरकार और मिलर दोनों परेशान हैं। मिलरों के साथ बैठक के बाद खाद्य विभाग ने केंद्र सरकार के साथ पत्राचार शुरू किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ताकि शर्तों में बदलाव कर उसना चावल देने की भी अनुमति मिल जाए। इसके लिए पत्राचार भी चल रहा है।

मंत्री ने कहा कि पिछले साल की तरह संकट न हो, इसके लिए तय हुआ है कि शुरू से ही किसानों के बारदानों में भी धान की खरीदी की जाएगी। सरकारी राशन की दुकानों और राइस मिलों से भी बारदाना लिया जाएगा। इसके साथ ही प्लास्टिक के बारदाने खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

खाद्य मंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं को ईश्वर सद्बुद्धि दे और जनता के हित में सोचे। पूरे देश में छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक चावल बांट रहे हैं। देश में केंद्र ने पांच किलो प्रति व्यक्ति तय किया है, जबकि राज्य में 10 किलो चावल बांट रहे हैं। स्थिति यह है कि एक परिवार में 60 से 70 किलो चावल लेकर जा रहे हैं। केंद्र ने राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत चावल दे रही है। राज्य में 65 हजार कार्डधारियों को चावल दिया जा रहा है।

खाद्य मंत्री ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पुलिस अधीक्षक गंभीर रूप से घायल हैं और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक उनके खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे पर नेता प्रतिपक्ष को सोच समझकर बयान देना चाहिए।

इधर, भाजपा ने धान खरीदी के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बीते दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की थी। इसके साथ ही प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों में कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। भाजपा नेताओं का कहना था कि राज्य सरकार जब विपक्ष में थी, तब धान खरीदी को लेकर पत्र लिखकर धरना प्रदर्शन करती थी। लेकिन, आज जब कांग्रेस की सरकार है तो किसानों की अनदेखी की जा रही है।

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