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इमरान खान ने फिर उगला जहर: बोले- पिछली अफगान हुकूमत के साथ मिलकर भारत ने कराए थे पाकिस्तान में आतंकी हमले

इस्लामाबाद : पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) ने एक बार फिर भारत (India) के खिलाफ जहर उगला है. उन्होंने अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन को दिए इंटरव्यू (CNN Interview) में कहा कि भारत (India) अफगानिस्तान की पिछली हुकूमत (Afghanistan) के साथ मिलकर पाकिस्तान में हमले करवाता रहा है. पत्रकार बेकी एंडरसन (Becky Anderson) ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) के उस बयान पर सवाल पूछा, जिसमें उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका को उसकी ही चिंताओं ने आकार दिया है. जो उसे अपने दुश्मनों से, पड़ोसी मुल्क भारत से हैं. इस पर इमरान ने बौखलाते हुए कहा कि हां, भारत ने अफगानिस्तान की पिछली हुकूमतों के साथ गठजोड़ कर पाकिस्तान में कई आतंकी गतिविधियां करवाईं.

अमेरिका ने भारत समर्थित सरकार को बैठाया
इमरान ने कहा कि हमने एक दोस्त के नाते यूएस जंग में अमेरिका का साथ दिया था. लेकिन उन्होंने अफगानिस्तान से पाकिस्तान के मित्र सरकार को हटाकर भारत समर्थित सरकार को लाकर बैठा दिया. पिछली अफगान हुकूमतों के साथ मिलकर भारत ने पाकिस्तान में कई आतंकी हमले करवाए. वे लोग पाकिस्तानी तालिबान को सपोर्ट करते हैं, वो बलोच आतंकियों को सपोर्ट करते हैं, जो लगातार हमारे देश में दहशतगर्दी का वजह बने हुए हैं.

पाकिस्तान पर पूर्वी पड़ोसी से सात गुना छोटा मुल्क है. हम तीन जंग लड़ चुके हैं और अब अफगानिस्तान के साथ हमारा 2600 किलोमीटर का लंबा बॉर्डर है. अगर वहां भारत समर्थित सरकार आई तो पाकिस्तान को अपनी सिक्युरिटी के लिए चिंता करनी ही पड़ेगी. फिर हमें दोनों ओर से निपटना होगा.

पत्रकार के सवाल से बौखलाए इमरान
पत्रकार ने सवाल किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति सीधे तौर पर आपसे कभी बात नहीं करते, इस खींजते हुए इमरान ने कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते सिर्फ एक फोन कॉल पर निर्भर नहीं करते. हमें बहुआयामी संबंध बनाने की जरूरत है.

फिर उनसे पूछा गया कि क्या आपको लगता है कि अमेरिका खुद को सिक्योर करने के लिए पाकिस्तान को चीन की ओर धकेल रहा है? इस पर इमरान ने कहा कि पाकिस्तान और चीन 70 सालों से दोस्त हैं और अब ये रिश्ता काफी गहरा हो गया है. ये पाकिस्तान ही था, जिसने 1970 में अमेरिका के लिए चीन के दरवाजे खोले थे. इसका मतलब है अमेरिका कुछ भी करे, इससे पाकिस्तान-चीन के रिश्तों में बदलाव नहीं आएगा. हम अमेरिका से भी नॉर्मल रिलेशन चाहते हैं और भारत से भी.

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