रायपुर वॉच

वेदराम मनहरे प्रदेशभर में चलाएंगे नशमुक्ति अभियान, केंद्रीय संगठन ने नशामुक्ति अभियान का प्रभारी बनाया

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले वेदराम मनहरे को केंद्रीय संगठन ने नशामुक्ति अभियान का प्रभारी बनाया है। प्रदेश में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में शराबबंदी का वादा किया था। अब इस वादे की याद दिलाते हुए मनहरे प्रदेशभर में अभियान चलाएंगे। मनहरे ने सरकार को चेतावनी देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशाखोरी को बढ़ावा दे रही है। सरकार शराबबंदी का वादा पूरा करे, नहीं तो आने वाले समय में प्रत्येक शराब दुकानों के सामने प्रदर्शन होगा। दिल्ली में भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के सामने पार्टी की सदस्यता लेने के बाद मनहरे का 16 सितंबर को भाजपा कार्यालय में स्वागत होगा। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह सहित पार्टी के आला नेता शामिल होंगे। आरंग विधानसभा से कांग्रेस के टिकट के दावेदार रहे मनहरे ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मनहरे के पार्टी में आने से सतनामी समाज के वोटरों के बीच दखल बढ़ेगी। दरसअल, मनहरे ने अपने राजनीतिक सफर की शुस्र्आत तिल्दा जनपद पंचायत के सभापति का चुनाव जीतकर किया। स्थानीय स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए उन्होंने अपने भाई और पत्नी को सक्रिय राजनीति में उतारा। बताया जा रहा है कि एक मंत्री के साथ सामंजस्य नहीं बैठने और अपने राजनीतिक कद को कमजोर करने की साजिश के बीच मनहरे ने कांग्रेस को छोड़ने का फैसला किया।

वेदराम मनहरे ने बताया कि फ्लाइट प्रत्यासी के रूप में आकर आरंग विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस विधायक और मंत्री शिव डहरिया आरंग से नहीं हैं। वे बहार से आकर वहा आरक्षित सीट से चुनाव लड़कर भले ही जीत गए, लेकिन भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए अपने राजनीतिक दखल का इस्तेमाल करके उनको पार्टी में किनारे कराने में सफल हो गए थे।

सीएम बघेल ने नहीं दिया मिलने का समय
मनहरे ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कई बार मिलने का प्रयास किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने मुलाकात नहीं की। छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व की तरह ही चल रही है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जिस तरह पार्टी के नेताओं से मुलाकात का समय नहीं देते हैं, उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी पार्टी चल रही है। पार्टी में कर्मठ और जूझारू नेताओं की अब जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ का कार्य न हो, कार्यकर्ताओ को गिड़गिड़ाना पड़े, ऐसी पार्टी में रहकर समय खराब करने से क्या मतलब है। जो पार्टी कार्यकर्ताओं की सुनती है। कार्यकर्ताओं की समस्याओ को दूर करती है। ऐसी पार्टी का मैंने चयन किया, इसलिए भाजपा प्रवेश किया।

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