भागलपुर : बिहार के भागलपुर में एक महिला कॉलेज में छात्राओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। ड्रेस कोड में लिखी बातें सामने आने के बाद जमकर बवाल हो रहा है। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज की आदेश शरिया कानून के समान है। हालांकि, कुछ छात्राओं ने इसका समर्थन भी किया है। दरअसल भागलपुर के सुंदरवती महिला महाविद्यालय में नया ड्रेस कोड जारी किया गया है, जिसमें लड़कियों से एक या दो चोटी करके आने के लिए कहा गया है। कॉलेज प्रशासन के इसी आदेश पर जमकर बवाल हो रहा है। कॉलेज प्रशासन ने अपने नए आदेश में कहा है कि यदि कोई लड़की खुले बालों में कॉलेज आती है तो उसे कैंपस के अंदर नहीं आने दिया जाएगा। इस आदेश के आने के बाद सूबे की प्रमुख विपक्षी पार्टी आरजेडी से जुड़े छात्रों ने इसे तुगलकी फरमान बताया है। वहीं कई छात्रों ने इसकी तुलना कट्टरपंथियों और शरिया कानून से की है। हालांकि कुछ छात्राओं ने इस फैसले का स्वागत भी किया है। एक छात्रा ने कॉलेज प्रशासन को धन्यवाद देते हुए इस फैसले पर खुशी जताई है।

खुले बालों पर प्रतिबंध घटिया मानसिकता
छात्राओं ने कहा कि कॉलेज का आदेश तालिबानियों के शरिया कानून जैसा है। वहीं छात्र नेताओं का कहना है कि ड्रेस कोड वाले फैसले का स्वागत है लेकिन बेटियों के खुले बालों पर लगाना घटिया मानसिकता को दर्शाता है। ड्रेस कोड में कहा गया है कि छात्राओं को एक या दो चोटी करके ही कॉलेज आना है।
सेल्फी लेने पर भी रोक लगाई
प्रिंसिपल की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि कॉलेज परिसर के अंदर छात्राएं अब सेल्फी भी नहीं ले सकेंगी। यह निर्णय सुंदरवती महिला महाविद्यालय की कमेटी ने लिया था। अब प्रायार्य ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी है। इस आदेश में छात्राओं को रायल ब्लू कुर्ती, सफेद सलवार, सफेद दुपट्टा, सफेद मौजा, काला जूता और सर्दियों में रायल ब्लू ब्लेजर और कार्डिगन पहनना जरूरी है।
छात्राओं में नाराजगी
इस कॉलेज में लगभग 1500 छात्राएं पढ़ती हैं। अधिकतर छात्राओं को ड्रेस कोड से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन खुले बालों पर बैन लगाने से और सेल्फी वाले नियम से छात्राएं खुश नहीं हैं। खासकर चोटी बांधने वाले आदेश के खिलाफ छात्राओं में भारी नाराजगी है।

