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BIG NEWS: पुलिस-नक्सली मुठभेड़: सड़क निर्माण की सुरक्षा में निकले थे जवान, घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने शुरू कर दी फायरिंग, असिस्टेंट कमांडेंट और ASI शहीद

जगदलपुर : बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ चल रही है। ITBP के 2 जवान शहीद हो गए हैं। पता चला है कि ITBP के जवान सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा के लिए निकले हुए थे। घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। माओवादियों ने शहीद हुए जवानों के हथियार भी लूट लिए हैं। इस घटना की पुष्टि बस्तर IG सुंदरराज पी ने की है। छोटे डोंगर थाना क्षेत्र के करियामेटा कैंप से महज 600 मीटर की ही दूरी पर फिलहाल मुठभेड़ जारी है। जवान भी नक्सलियों का डट कर सामना कर रहे हैं। इस मुठभेड़ में ITBP के असिस्टेंट कमांडेंट सुधाकर शिंदे व सहायक उप निरीक्षक(ASI) गुरमुख सिंह शहीद हो गए हैं। माओवादियों ने जवानों की 1 AK-47, 2 बीपी जैकेट एवं 1 वायरलेस सेट लूट कर ले गए हैं। फायरिंग के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई है। अभी घटना के संबंध में कोई अधिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जवानों के बैकअप फोर्स को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है।

कई नक्सलियों को भी लगी गोली

दरअसल, दंतेवाड़ा जिले को नारायणपुर जिले से जोड़ने के लिए इलाके में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। यह इलाका पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में हैं। इस इलाके में सड़क निर्माण करना भी बड़ी चुनौती है। यहां नक्सलियों की पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी सक्रिय है। जिसकी कमान हार्डकोर महिला माओवादी नीति और निर्मला के हाथों में है। बताया जा रहा है कि पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी ने ही इस घटना को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों को भी गोली लगी है। सूत्रों की मानें तो 2 दिन पहले करियामेटा कैंप के आसपास हाथ में झोला पकड़े 2 संदिग्ध लोगों को देखा गया था, जो कैंप का चक्कर काट रहे थे। ये दोनों व्यक्ति ग्रामीण वेशभूषा में थे और बाहरी व्यक्ति थे। इन्हें पहले कभी इस इलाके में नहीं देखा गया था।

कडेनार मोड़ पर नेटवर्क तलाश परिवार से बात कर रहे थे जवान, नक्सलियों ने घेरा

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर ITBP के जवान करियामेटा कैंप से सड़क की सुरक्षा के लिए निकले थे। इस दौरान कैंप से कुछ दूरी पर स्थित कडेनार मोड़ के पास जब जवान पहुंचे तो उन्हेंने यहां मोबाइल नेटवर्क की तलाश करनी शुरू कर दी। यह इलाका पूरी तरह से बीहड़ है। केवल कडेनार मोड़ पर ही एक दो पेड़ के पास थोड़ा बहुत नेटवर्क आता है। जवान अक्सर सर्चिंग के दौरान इस जगह रुकते हैं। शुक्रवार को भी जवान यहां नेटवर्क की तलाश में रुके ताकि अपने परिवार के सदस्यों से बात कर लें। लेकिन इस बीच पहले से ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी।

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