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तिफ़रा फ्लाई ओवर में 65 से 70 करोड़ का कार्य होना है जो आज भी है अधूरा | 

बिलासपुर ब्यूरो (कमलेश लवहात्रे ) | भाजपा के पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में तिफरा में फ्लाईओवर निर्माण में विलंब को जनता के साथ छलावा बताते हुए कहा है कि कांग्रेस फोटो खिचवाकर आम जनता को गुमराह कर रहे हैं | तिफरा ओवरब्रिज शहर का प्रवेश द्वार है, निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर चल रहा हैं।फ्लाईओवर निर्माण कार्य यातायात के बढ़ते दबाव से फौरी मुक्ति दिलाने के लिए 2017 में शुरू किया गया था जो मार्च 2019 में पूरा हो जाना था लेकिन शहर के लोगों को समय पर कोई सुविधा मिल जाए इसकी चिंता कांग्रेस सरकार को नहीं है।सरकार बदलते ही कार्य को ठहर लग गई , वर्ष 2021 में भी लंबित तिफरा फ्लाईओवर की शुरुआत नहीं हो सकी है।

कांग्रेस के नेता, जनप्रतिनिधि केवल निरीक्षण में फोटो खिंचा कर भाषण देकर डेट पर डेट देते चले गए लेकिन यह कार्य निकट भविष्य में भी पूरा होता दिखाई नहीं पड़ता | अमर अग्रवाल का कहना है कि नगरीय सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार की प्रक्रिया में किसी भी शहर के विकास में फ्लाईओवर महत्वपूर्ण घटक है।आने वाली पीढ़ी को बेहतर नगरीय सुविधाये दिलाने और शहर को आधुनिक विकास की दिशा में आगे ले जाने के लिये नगर यातायात व्यवस्था की सुगमता हेतु भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में तिफरा रेलवे ओवर ब्रिज के समानांतर 65 करोड़ की अनुमानित लागत से फ्लाईओवर निर्माण कार्य की बहु प्रतिक्षित सौगात बिलासपुर वासियों को प्राप्त हुई।
नगरीय सीमा में विस्तार के पूर्व तिफरा ओवर ब्रिज शहर के लिए एंट्री प्वाइंट होता था, जिस पर प्रतिदिन छोटे-बड़े मिलाकर हजारों की संख्या में वाहनों का रेला लगे रहता है।सुबह से देर रात तक अनेकों बार घंटो जाम लगे रहता है | अमर अग्रवाल ने कहा फ्लाईओवर बन जाने से यातायात व्यवस्था सुचारू होगी, घंटों के जाम से लोगों को मुक्ति मिलेगी , आवारा पशुओं के जमावड़े से, आए दिन दुर्घटनाओं से लोगों को निजात मिल सकेगी एवं अपने गंतव्य पर नागरिक गण समय पर पहुंच सकेंगे,कोरबा व रायपुर की ओर जा सकने वाले भारी वाहन सीधे जा सकेंगे | बिलासपुर से रायपुर, विशेषकर हाई कोर्ट जाने बिल्हा की ओर जाने एवं आसपास के अनेकों कस्बो और गांवो के लोगों को आवागमन की बेहतरीन सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा हरियाणा गुडग़ांव की ब्रम्हपुत्र बीकेबी कंस्ट्रक्शन को दिया है। मुंबई के मेसर्स बोभे एंड एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड नई मुंबई द्वारा डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किया गया है ।तय अनुबंध के तहत अगस्त 2017 से आरम्भ हुए, निर्माण कार्य को 29 मार्च 2019 तक पूर्ण करना था। शहर में तिफरा रेलवे क्रासिंग पर पीडब्ल्यूडी के द्वारा पूर्व में ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था। बनने के बाद पता चला कि ट्रैफिक के लिहाज से यह संकरी है। तिफरा के संकरे ओवरब्रिज,खस्ताहाल बाइपास रोड और तुर्काडीह कोनी पुल के बंद होने के कारण महाराणा प्रताप चौक पर ट्रैफिक का 24 घंटे भारी दबाव रहता है। रात में रोजाना नेहरू चौक से लेकर गतौरी और नेहरू चौक से लेकर परसदा तक गाडिय़ों की कतार लगी रहती है।
जिससे पिछले कई साल से शहर की यातायात व्यस्था ध्वस्तप्राय हो गई है।श्री अग्रवाल ने कहा उनके कार्यकाल में महाराणा प्रताप चौक पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए जनता की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए हाईकोर्ट के सतत निर्देश पर शासन स्तर पर विचार विमर्श के बाद फ्लाईओवर निर्माण को हरी झंडी मिल गई,1600 मीटर लंबाई के तिफरा फ्लाईओवर जिसमे 82 मीटर लंबा हिस्सा रेलवे के अंर्तगत है, पुराने पुल के समानांतर शुरू किया गया । कार्य को समय पर पूरा करने एवं व्यवस्थित निष्पादन की दृष्टि से पीडब्ल्यूडी के ब्रिज डिवीजन की बजाय नगरीय प्रशासन विभाग ने फ्लाईओवर का काम अपने हाथ में लेते हुए प्रशासकीय तकनीकी स्वीकृति के साथ ही निष्पादन आरम्भ किया।फ्लाईओवर निर्माण के संबंध में अनेकों पेचीदगियां सांमने आई। विभाग द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं रेलवे एवं अन्य विभागों के समन्वयन स्थानीय प्रतिनिधियों के सकारात्मक योगदान से तेजी से कार्य आरंभ किया गया |

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