रायपुर वॉच

स्वर्गीय सेठ नेमीचंद श्रीश्रीमाल व स्वर्गीय गोविंद लाल वोरा विलक्षण प्रतिभा के धनी थे, प्रतिमा का कार्यक्रम में प्रतिमा का वर्चुअल रूप से अनावरण किया गया

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रायपुर : कचहरी चौक स्थित बाल आश्रम में आज संस्था के संस्थापक व पुरोधा स्वर्गीय सेठ नेमीचंद व दैनिक समाचार पत्र अमृत संदेश के प्रधान संपादक स्वर्गीय गोविंद लाल वोरा की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस अवसर पर प्रतिमा का अनावरण प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा वर्चुअल रूप में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा के द्वारा की गई । इस दौरान कार्यक्रम में संसदीय सचिव व विधायक रायपुर पश्चिम माननीय विकास उपाध्याय एवं रायपुर उत्तर विधायक तथा निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा व महापौर रायपुर नगर निगम अध्यक्ष कोषाध्यक्ष एवं उपस्थित रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में दुर्ग विधायक श्री अरुण वोरा कांग्रेस महासचिव रमेश वल्यानी तथा स्वरूप चंद जैन अमृत संदेश के वर्तमान प्रधान संपादक शानू वोरा एवं उनका परिवार उपस्थित था। इसके अलावा बाल आश्रम समिति के सचिव श्री रूपचंद श्रीश्रीमाल कोषाध्यक्ष सोहन लाल डागा संरक्षक श्री देवीचंद श्रीश्रीमाल आदि भी उपस्थित थे। संस्था बाल आश्रम के अध्यक्ष श्री अजय तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के संपादक स्वर्गीय नेमीचंद श्रीश्रीमाल एवं एवं अमृत संदेश के प्रधान संपादक स्वर्गीय गोविंद लाल वोरा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए शुरू हुई। इस अवसर पर अपने संबोधन पर श्री रूप चंद जैन जी ने कहा कि पूजनीय दादा जी के प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के अवसर पर कुछ संक्षिप्त बातें कहना चाहता हूं। ग्राम खोपली से यह कार्य शुरू हुआ था और आज यहां एक विशाल वृक्ष के रूप में बाल आश्रम के नाम से प्रचलित हो गया है इसीलिए श्रीश्रीमाल परिवार को खोपली परिवार के नाम से भी जाना जाता है । उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दादाजी ने छत्तीसगढ़ की पहचान को बनाने में अमूल्य योगदान दिया। उनके समय में अंग्रेजों का शासन था। उन्होंने व्यापार और शासन से कभी समझौता नहीं किया । उन्होंने कहा कि एक समय रायपुर में अकाल पड़ा था जिसमें उन्होंने भरपूर मदद की थी उन्होंने कभी भी अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं माना । 1978 में जब जेल भरो आंदोलन हुआ तब हमें पता चला कि वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में अंग्रेजों के साथ संकल्प कर रहे हैं । उन्होंने कोलार बांध योजना के लिए तत्कालीन समय के मुख्यमंत्री श्यामाचरण जी को ₹100000 का चेक दिया था ।इससे से ही पता चलता है कि वह समाज के प्रति कितने समर्पित थे। कार्यक्रम में दैनिक छत्तीसगढ़ वाच्य संपादक श्री रामअवतार तिवारी ने भी श्री स्वर्गीय वोरा जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मैंने पत्रकार के रूप में उनके साथ 10 साल काम किया है ।उन्होंने पत्रकारिता को एक नई दिशा दी । इस दौरान स्वर्गीय नेमीचंद जी को समाज का अग्रणी व्यक्तित्व बताया । उन्होंने कहा कि वोरा जी का व्यक्तित्व सरल,सौम्य और सहज था । कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जब कांग्रेस के महामंत्री श्री रमेश वल्यानी जी को बुलाया गया तो उन्होंने भी अपने उद्बोधन में कहा कि आज के बड़े औद्योगिक घराने के लोग को ऐसा व्यक्तित्व नहीं मिलता। श्री वोरा जी ने जीवन के मूल्य विकसित किए। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय नेमीचंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने जीवन काल में स्कूल, बाल आश्रम खोलकर अनेक सामाजिक कार्यक्रम किए हैं। इस इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय वोरा जी को लेकर कहां की उनमें समाचार को लेकर गहरी सोच थी । वह विज्ञप्ति को भी सरल रूप में बनाने का शिक्षा देते थे। कार्यक्रम में विधायक दुर्ग अरुण वोरा जी ने भी स्वर्गीय सेठ नेमीचंद व पत्रकारिता के आधार स्तंभ श्री वोरा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनके आदर्श चरित्र सिद्धांत को यदि हम आज के समय में आत्मसात कर लेते हैं तो हमें जीवन में कभी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। श्री वोरा जी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में जो आयाम गढ़े हैं वह आज भी उपयोगी है । कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू अम्बाडारे ने भी वोरा जी के व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में श्री विजय दानी, श्री ललित तिवारी, श्री राजकुमार चोपड़ा, श्री मानिकचंद, श्री नरेश गुप्ता, श्री सुरेश शुक्ला आदि भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वर्गीय नेमीचंद श्रीश्रीमाल व स्वर्गीय गोविंद लाल वोरा जी की प्रतिमा पर आए हुए अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

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