रायपुर वॉच

ब्लैक फंगस की 79 जटिल सर्जरी, चार के ब्रेन तक पहुंच चुका था संक्रमण, मिली नई जिंदगी

रायपुर। एम्स में में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के चार जटिल ऑपरेशन पिछले एक सप्ताह में किए गए हैं। आठ से 12 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ हैं। एम्स प्रबंधन ने बताया कि ब्लैक फंगस के अब 79 ऑपरेशन किए गए हैं। यह संख्या एम्स दिल्ली के बाद किसी केंद्रीय संस्थान द्वारा किए जा रहे ऑपरेशन से अधिक है।

एम्स के डायरेक्टर नागरकर ने बताया कि सात विभागों के 100 से अधिक चिकित्सकों की टीम प्रतिदिन औसतन छह से सात म्यूकोर माइकोसिस के जटिल ऑपरेशन कर रही हैं। इसमें ऑप्थोमोलाजी, न्यूरो सर्जरी, मेडिसिन, सर्जरी, एनेस्थिसिया समेत अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके लिए पांच ऑपरेशन थियेटर और आठ वार्ड आरक्षित हैं। प्रदेश में पूर्व में भी एम्स द्वारा ब्लैक फंगस के रोगियों का इलाज किया जा रहा है। इस वर्ष रोगियों की संख्या काफी अधिक हो गई है। पिछले एक हफ्ते में मस्तिष्क आधारित चार आपरेशन किए गए।

इसमें ब्रेन के कुछ हिस्से में फैल गए ब्लैक फंगस को भी ठीक किया गया है। जिन मरीजों की सर्जरी हुई उनमें रायगढ़ का 30 वर्षीय, पचपेड़ी का 48 वर्षीय, धमतरी का 47 वर्षीय और बरला का 47 वर्षीय पुरुष मरीज है। बढ़ते हुए रोगियों की संख्या को देखते हुए एम्स ने प्रत्येक बुधवार को म्यूकोर माइकोसिस का स्पेशल क्लीनिक शुरू कर दिया है जिसमें इस प्रकार के रोगियों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की जरूरत

डाक्टर नागरकर ने बताया कि रोगियों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए एम्स, रायपुर को प्रतिदिन 600 एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की आवश्यकता है। अभी औसतन 200 इंजेक्शन मिल पा रहे हैं। इंजेक्शन न मिलने की स्थिति में इनके सबस्टीट्यूट से मदद ली जा रही है।

इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से भी एम्स निरंतर संपर्क में है और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को भी इस संदर्भ में अवगत करा दिया गया है। एम्स को गत दिवस केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 600 वायल एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन दिए गए हैं।

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