कोरिया : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र के शंकरगढ़ गांव में स्थित एक ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग करने वाले फैक्ट्री में एक धमाके के बाद भीषण आग लग गई। जिसके कारण फैक्ट्री के अंदर रखा सामान पूरी तरह से जलकर राख हो गया। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन फैक्ट्री के अंदर हुए नकुसान की कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। आग की लपटें इतनी जबरदस्त थीं कि आसपास का इलाका धुआं-धुआं हो गया और करीब एक किलोमीटर दूर से भी देेखी जा सकती थीं। आग लगने की सूचना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। वहीं अंदर काम कर रहे कर्मचारियों ने किसी तरह निकलकर अपनी जान बचाई।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और मनेंद्रगढ़ पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशंका जताई गई है कि फैक्ट्री मे रखे ट्रांसफार्मर में डालने वाले ऑयल के ड्रम के कारण ही आग लगी है। इधर, पूरे मामले को लेकर मनेंद्रगढ़ फायर ब्रिगेड की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बताया गया है कि मनेंद्रगढ़ फायर ब्रिगेड की गाड़ी ही खराब थी, जिसके कारण चिरमिरी से गाड़ी बुलानी पड़ी और तब जाकर ग्रामीणों के सहयोग से 2 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। आसपास के लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच जाती तो इतना नुकसान नहीं होता। हादसे के वक्त फैक्ट्री मालिक सिध्दार्थ शुक्ला और करीब 5 से ज्यादा कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
खाना खाकर बैठे थे कि आग लग गई
जानकारी के मुताबिक आग लगने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद मनेंद्रगढ़ फायर ब्रिगेड़ को इसकी सूचना दी गई, लेकिन गाड़ी खराब होने के चलते वो मौके पर नहीं पहुंची। जिस पर आसपास के लोगों ने ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया, इस बीच चिरमिरी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया गया, इसके बाद आग पर 2 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। कर्मचारियों ने बताया है कि वो लोग खाना खाकर बैठे हुए थे तभी अचानक एक धमाका हुआ, हम बाहर निकल कर देखे तब तक भीषण आग लग चुकी थी।
हफ्तेभर पहले ही खराब हुई थी गाड़ी
ग्रामीणों के अनुसार आग करीब 3 बजे लगी थी। हम अपने घर के पास ही खड़े थे कि अचानक आग की लपटें आसमान में दिखाईं देने लगीं। इसके बाद हम लोग वहां मौके पर पहुंचे और खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया। पता चला है कि तीन महीने पहले भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी खराब हो गई थी, हालांकि उस दौरान सुधार लिया गया था। लेकिन हफ्तेभर पहले सैनिटाइजर छिड़कने के दौरान फिर ये गाड़ी खराब हो गई।
जिसके चलते आग पर काबू पाने चिरमिरी से फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाना पड़ा। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को पहुंचने में देरी हुई और अंदर रखा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। मामले में यह भी पता चला है कि फैक्ट्री के अंदर जगह-जगह पर ऑयल की छीटें पड़े हुए थे, आशंका है इन्हीं तेल के ड्रम के कारण आग लगी है। शंकरगढ़ मनेंद्रगढ़ से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। फैक्ट्री में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग का काम किया जाता है।

