संजय महिलांग/नवागढ़ : विश्व भर के लोग पिछले लगभग दो सालों से कोरोना महामारी से परेशान हैं। महामारी के चलते लोगों को जीवन थम सा गया है और आर्थिकी भी ठप्प हो चुकी है। इसके विपरीत अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए प्रसिद्ध हो चुके नवागढ़ क्षेत्र में नशे का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नशा माफिया बेख़ौफ़ होकर अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहा है।
हालांकि सीमावर्ती क्षेत्र होने के चलते इस क्षेत्र में पुलिस का भी कड़ा पहरा है और पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी दम भरा जाता है, लेकिन सच्चाई इससे कोसों दूर है हकीकत नवागढ़ क्षेत्र में नवागढ़ के आस पास के गाँवो में अवैध तरीके से तैयार की गई। शराब के बेचने का धंधा सुबह ही शुरू हो जाता है जो देर रात तक जारी रहती है।
देसी शराब पीने वालों की टोलियां यहां दिन भर देखी जा सकती हैं तो नशे की ओवरडोज से मौत होने के कारण आए दिन यहां किसी न किसी मौत होती है क्षेत्र के लोगों को इस बात को लेकर हैरानी है कि क्षेत्र में पुलिस की पैनी नजर होने के बावजूद यह धंधा कैसे फल फूल रहा है। बड़ी बात ये है कि नशा माफिया भी यह बात भांप चुका है कि इन दिनों कार्रवाई करने वाले पुलिस व उसके जवान नाकों पर कोरोना से संबंधित डयूटियां कर रहे हैं, ऐसे में नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा।
नवागढ़ थाना क्षेत्र अवैध जुआ-सट्टा, शराब-गांजा सहित नशे का कारोबार फल-फुल रहा है, पुलिसिया कार्यवाही की बजाए धडल्ले से अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने का कार्य कर रही है जिसके चलते क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर जुआ-सट्टा, शराब-गांजा का कारोबार हो रहा है| नवागढ़ क्षेत्र से दुसरे जिले में जाने का मार्ग होने की वजह से मवेशी तस्कर भी यहाँ सक्रिय है जिसके कारण भी यहाँ व्यापक पैमाने पर मवेशी तस्करी भी किया जा रहा है इन सभी मामलो की जानकारी पुलिस को है मगर कार्यवाही करने में किसी भी तरह की रूचि नहीं दिखाई जाति है जिसका बड़ा कारण अवैध कारोबारियों को पुलिस का संरक्षण मिलना है| हां, भई जब सैया भये कोतवाल तो अब डर काहे का”|
👉 नवागढ़ थाना प्रभारी अवैध कारोबारियों पर लगाम लगाएगा उनको बोल दिया हु ।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बेमेतरा

