पुरूषोत्तम कैवर्त/ कसडोल : कसडोल गिधौरी मार्ग पर कसडोल से 8 कि मी. की दूरी पर स्थित ग्राम सेल भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ विधिवत प्रारंभ हो गया। ग्राम सेल में संगीत मय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ प्रारम्भ होने से पहले भजन कीर्तन के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में बच्ची एवं महिलाएं भाग ली। संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पहले कलश यात्रा सुतियापारा से होते हुए बंधवातालाब में जलभरकर भागवत कथा स्थल तक पहुँचाया गया। कथा वाचक कीर्ति कुमार पाण्डेय शिव मंदिर के सामने दोपहर 2 बजे संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का शुभारंम किया। जो आगामी 10फरवरी तक चलेगा। इसका आयोजन नव युवा एकता समिति सुतियापारा सेल के द्वारा आयोजित किया गया है।
प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी कलश यात्रा में गांव के श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिये। कलश यात्रा मे मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पा विजय साहू श्रीमती सुरहुत्ती मोहन साहू श्रीमती राधा कृष्ण कुमार साहू एवं गाँव के प्रमुख माताए बहने जिनमे कुमारी पल्लवी पाण्डेय, कुमारी छोटी मिश्रा, कुमारी प्राची मिश्रा अन्नू साहू, चंचल साहू ममता साहू, लिली साहू, गुड्डी साहू माधुरी साहू पिंकी साहू,पार्वती साहू, हेमलता साहू, दुर्गा साहू उमा साहू ज्योतिष साहू, सुषमा साहू, वर्षा कैवर्त्य, नेहा श्रीमती अनुसुइया पाण्डेय, कुसुम साहू, मनीषा साहू ओमती साहू, दिलबाई साहू, भगवती साहू, के साथ नव युवा एकता समिति सुतियापारा सेल मनीष कुमार साहू बलराम साहू रामेश्वर साहू घनश्याम वैष्णव राजेश कुमार साहू रितेश कुमार पाण्डेय दुर्गेश कुमार पाण्डेय महेश्वर प्रसाद साहू सतीश कुमार जायसवाल कुलदीप साहू संजय जायसवाल ओमप्रकाश साहू संदीप कुमार वर्मा दुर्गेश कुमार जायसवाल राजू साहू कमलेश्वर साहू नागेश्वर साहू उमेश्वर साहू दीपक कुमार जायसवाल मनमोहन जायसवाल श्रवण कुमार साहू गुलशन कुमार वर्मा घनश्याम वर्मा विजय कुमार जायसवाल प्रदीप कुमार जायसवाल गोविन्द साहू कलेश्वर प्रसाद साहू टिकेश्वर साहू ओंकार साहू सहित गाँव के सैकड़ो माताए शामिल हुईं।भजन कीर्तन के साथ कलश यात्रा संपन्न हुआ !फिर वेदी पूजन के बाद भागवत महात्त्म्य की कथा मे धुंधकारी मोक्ष की कथा आचार्य कीर्तिकुमार पाण्डेय के द्वारा सुनाई गई !समिति के समस्त कार्यकर्ताओ ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि आप सब सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अमृत कथा का पुण्य प्राप्त करें।

