नई दिल्ली। अपने नाम ऐतिहासिक दुर्गति का इतिहास लिखने वाली कांग्रेस पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले जोरदार झटका लगा है। चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा ये जोरदार झटका किसी सदमे से कम नहीं है। अब ऐसे में पार्टी इस सदमे से कैसे उबर पाएगी। यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल दूसरे चरण के चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा यह दूसरा झटका कहीं उसके लिए सियासी क्षति का सबब न बन जाए। इसकी फिक्री पार्टी नेताओं को सताने लगी है। आइए, आपको बारे में तफसील से बता देते हैं।
दरअसल, कांग्रेस की पोस्टर गर्ल माने जाने वाली पल्लवी सिंह ने पार्टी छोड़ दिया है। कांग्रेस को अलविदा कहने के बाद अब उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है। आज यानी की शनिवार को उन्होंने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। पल्लवी सिंह कांग्रेस की तीसरी पोस्टर गर्ल मानी जाती हैं। इससे पहले पार्टी की दो पोस्टर गर्ल बीजेपी की नौका पर सवार हो चुकी थीं। इन दोनों ने न महज कांग्रेस को छोड़ा था, बल्कि जमकर तोहमत भरे तीर भी छोड़े थे, जिससे पार्टी किसी घायल परिंदे के समान हो गई थी। अब ऐसे में दूसरी तीसरी पोस्टर गर्ल का बीजेपी में शामिल होना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सियासी सूरमाओं द्वारा इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। खैर, अब इसका आगामी चुनाव में पार्टी की सियासी स्थिति पर क्या कुछ असर पड़ता है। यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। आइए, आगे की रिपोर्ट में हम आपको कांग्रेस के पुराने पोस्टर गर्ल के बारे में बताए चलते हैं।

बता दें कि पल्लवी सिंह से पहले प्रियंका मौर्य ने कांग्रेस को छोड़ बीजेपी का दामन थामा था। मौर्य ने आगामी चुनाव में टिकट न मिलने से खफा होने की वजह से पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी जमकर आरोप भी लगाए थे। उन्होंने कहा था कि पहले मुझसे यह वादा किया गया था कि मुझे आगामी चुनाव में टिकट दिया जाएगा, लेकिन मुझे छला गया। मेरे चेहरे का इस्तेमाल कर पार्टी ने ‘लड़की हूं, लड़की सकती हूं’ के नाम से लोकप्रियता हासिल की। यही नहीं, प्रियंका ने पार्टी कांग्रेस पर जातिवाद फैलाने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कांगेस में जाति के आधार टिकट बंटवारा होता है। जिससे तंग आकर कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस के लड़की हूं लड़ सकती हूं के नारे को भी महज ढकोसला ही करार दिया था। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सात चरणों में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। अभी तक पहले फेस का चुनाव हो चुका है और नतीजों की घोषणा आगामी 10 मार्च को होने जा रही है। अब ऐसी स्थिति में आगामी दिनों में सूबे में सत्ता का ऊंट किस करवट बैठता है। यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल तो सूबे में चुनाव की जीतने की जद्दोजहद में सियासी पारा अपने शबाब पर है।

